सोशल संवाद/डेस्क : Jammu & Kashmir में आतंकवाद के खिलाफ जंग में पुलिस के कांस्टेबल अमजिद अली खान वीरगति को प्राप्त हो गए में आतंकवाद के खिलाफ चल रहे अभियान के दौरान एक बार फिर देश ने अपना एक बहादुर सपूत खो दिया। उधमपुर जिले के सोआन जंगल क्षेत्र में आतंकियों से हुई मुठभेड़ के दौरान Jammu & Kashmir में आतंकवाद के खिलाफ जंग में पुलिस के कांस्टेबल अमजिद अली खान वीरगति को प्राप्त हो गए पुलिस के कांस्टेबल अमजिद अली खान वीरगति को प्राप्त हो गए। उनकी शहादत की खबर सामने आते ही पूरे पुलिस बल और इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
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जानकारी के मुताबिक, उधमपुर के जंगलों में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना के बाद सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। इसी दौरान आतंकियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद मुठभेड़ छिड़ गई। इस ऑपरेशन के दौरान कांस्टेबल अमजिद अली खान ने असाधारण साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए आतंकियों का डटकर सामना किया। मुठभेड़ में वह गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उन्होंने देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
Jammu & Kashmir पुलिस ने आधिकारिक तौर पर अमजिद अली खान की शहादत की पुष्टि करते हुए उन्हें सलाम किया है। पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात समेत तमाम वरिष्ठ अधिकारियों और जवानों ने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की। पुलिस ने कहा कि अमजिद अली खान ने जिस बहादुरी और समर्पण के साथ अपने कर्तव्य का पालन किया, वह पूरे बल के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।
पुलिस विभाग ने अपने संदेश में कहा कि शहीद अमजिद अली खान का बलिदान कभी भुलाया नहीं जाएगा। देश और प्रदेश की सुरक्षा के लिए दी गई उनकी कुर्बानी आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। साथ ही पुलिस ने शहीद के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए भरोसा दिलाया कि इस कठिन समय में पूरा पुलिस परिवार उनके साथ खड़ा है।
Jammu & Kashmir पुलिस ने यह भी कहा कि “वीर कभी मरते नहीं”, वे अपने बलिदान के जरिए अमर हो जाते हैं। अमजिद अली खान की शहादत आतंकवाद के खिलाफ जारी संघर्ष में सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और बलिदान की एक और मिसाल है। पुलिस के अनुसार, आतंकियों के मंसूबों को नाकाम करने के लिए ऐसे ही जांबाज जवान दिन-रात अपनी जान जोखिम में डालकर ड्यूटी निभा रहे हैं।
इस अवसर पर Jammu & Kashmir पुलिस ने उन अन्य वीर जवानों को भी याद किया, जिन्होंने अलग-अलग वर्षों में आतंकवाद के खिलाफ लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। पुलिस ने बताया कि इसी तारीख को पूर्व में भी कई बहादुर जवान शहीद हुए थे, जिनकी कुर्बानी आज भी पुलिस बल और समाज के लिए प्रेरणा बनी हुई है।
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने भी शहीद अमजिद अली खान की शहादत पर दुख जताया है और उन्हें नमन किया है। लोगों का कहना है कि ऐसे जवानों की बदौलत ही देश सुरक्षित है और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लगातार जारी है।
फिलहाल इलाके में सुरक्षा बलों का ऑपरेशन जारी है और आतंकियों की तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि शहीद जवान का बलिदान व्यर्थ न जाए और आतंकियों को उनके अंजाम तक पहुंचाया जाए। अमजिद अली खान की शहादत एक बार फिर यह याद दिलाती है कि देश की सुरक्षा के लिए हमारे जवान हर पल सर्वोच्च बलिदान के लिए तैयार रहते हैं।










