हर पेरेंट चाहता है कि उसका बच्चा आत्मविश्वासी और निडर बने, लेकिन कॉन्फिडेंस बचपन से सिखाना पड़ता है।

बच्चों की कोशिश की तारीफ करें, सिर्फ जीतने पर नहीं बल्कि मेहनत करने पर भी उन्हें सराहें।

बच्चों को छोटे-छोटे फैसले खुद लेने दें, इससे उन्हें अपनी काबिलियत पर भरोसा होने लगता है।

अगर बच्चा गलती करे तो डांटने के बजाय उसे सीखने का मौका समझाएं।

बच्चों को नई स्किल्स सीखने के लिए प्रोत्साहित करें, जैसे साइकिल चलाना, पेंटिंग या छोटे घरेलू काम।

छोटे-छोटे लक्ष्य पूरे करने से बच्चों का आत्मसम्मान और कॉन्फिडेंस दोनों बढ़ते हैं।

सबसे जरूरी बात पेरेंट्स खुद पॉजिटिव रोल मॉडल बनें, क्योंकि बच्चे वही सीखते हैं जो वे आपको करते हुए देखते हैं।