हल्दी सिर्फ स्वाद के लिए नहीं बल्कि आयुर्वेद में इसे हेल्थ बूस्टर और नेचुरल मेडिसिन माना जाता है
बाज़ार में मिलने वाली हल्दी अक्सर मिलावटी होती है, इसलिए लोग अब इसे घर पर उगाना पसंद कर रहे हैं
फ्रेश, मोटे और अंकुर वाले कंद (Rhizome) चुनें। जिनमें छोटे-छोटे उभरे हुए नोक हों, वही जल्दी उगते हैं
बगीचे की मिट्टी + गोबर की खाद + रेत को बराबर मात्रा में मिलाएँ। यह मिट्टी पौधे की जड़ों और ड्रेनेज के लिए परफेक्ट रहती है
12–14 इंच का गमला लें और नीचे ड्रेनेज होल ज़रूर हो ताकि पानी जमा न हो
हल्दी को 2–3 इंच गहराई में दबाकर लगाएँ। ध्यान रहे अंकुर ऊपर की दिशा में हों। लगाने के बाद हल्का पानी दें
हल्दी सीधी धूप नहीं चाहती। हल्की धूप या छांव में भी उगती है। मिट्टी नम रखें, लेकिन पानी भरने न दें
जब पत्तियाँ सूखने लगें, समझिए हल्दी तैयार है अब खुदाई करें और घर की शुद्ध हल्दी इस्तेमाल करें
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