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West Singhbhum Tourism Development: जिला पर्यटन परिषद की बैठक में कई नए पर्यटन स्थलों के विकास पर चर्चा

By Riya Kumari

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West Singhbhum Tourism Development: जिला पर्यटन परिषद की बैठक में कई नए पर्यटन स्थलों के विकास पर चर्चा
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सोशल संवाद / डेस्क : पश्चिमी सिंहभूम जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने और नए पर्यटन स्थलों के विकास को लेकर जिला समाहरणालय सभागार में जिला पर्यटन संवर्धन परिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मनीष कुमार ने की। इस दौरान जिले के पर्यटन स्थलों के समग्र विकास, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और पर्यटन आकर्षण बढ़ाने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

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बैठक में जोबा माझी, कालीचरण मुंडा, निरल पुरती, सुखराम उरांव और सोनाराम सिंकु सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा सभी वन प्रमंडल पदाधिकारी, उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, जिला खेल पदाधिकारी-सह-पर्यटन नोडल अधिकारी तथा चाईबासा और चक्रधरपुर नगर परिषद के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में भाग लिया।

बैठक के दौरान जिला खेल पदाधिकारी द्वारा वर्तमान में संचालित पर्यटन योजनाओं और पश्चिमी सिंहभूम जिले के अधिसूचित पर्यटन स्थलों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। साथ ही जिले में नए पर्यटन स्थलों को अधिसूचित करने और पहले से अधिसूचित स्थलों को उत्क्रमित करने से संबंधित प्रस्ताव भी रखा गया।

इन प्रस्तावित पर्यटन स्थलों में सेरेंगसिया घाटी स्थित शहीद स्थल, संगम नदी, सूरजाबासा पर्यटन स्थल, लुपुंगुटू झरना, तोरलो डैम, बेलवा डैम, पंचमतिरि ग्राम किताहातु, मुनीटुंगरी, मनोहरपुर संत नरसिंह आश्रम, जागीसरन, हाक्कुयम मंदिर, तिरीरुम डैम, दुरदुर झरना, छोटानागरा और राजाबासा जैसे प्रमुख स्थल शामिल हैं। परिषद ने नए पर्यटन स्थलों को समूह ‘डी’ में शामिल करने तथा पूर्व से अधिसूचित स्थलों के उत्क्रमण संबंधी प्रस्ताव को अग्रेतर कार्रवाई के लिए विभाग को भेजने का निर्देश दिया।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिले के सभी पर्यटन स्थलों का उन्नयन किया जाएगा और वहां पर्यटकों के लिए सड़क, पेयजल, शौचालय, सुरक्षा एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। जिला प्रशासन का मानना है कि पर्यटन स्थलों के विकास से न केवल स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पश्चिमी सिंहभूम जिले की पहचान भी राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी।

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