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रात में पैरों में झनझनाहट और बेचैनी क्यों होती है? जानें Restless Legs Syndrome के लक्षण और कारण

By Riya Kumari

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रात में पैरों में झनझनाहट और बेचैनी क्यों होती है? जानें Restless Legs Syndrome के लक्षण और कारण
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सोशल संवाद / डेस्क : अगर रात में सोते समय आपके पैरों में झनझनाहट, खिंचाव या अजीब बेचैनी महसूस होती है और बार-बार पैर हिलाने का मन करता है, तो इसे नजरअंदाज न करें। यह Restless Legs Syndrome (RLS) यानी “बेचैन पैरों की समस्या” का संकेत हो सकता है। यह समस्या नींद खराब करने के साथ-साथ मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकती है।

यह भी पढे : Screen Time और Sleep Cycle: मोबाइल-लैपटॉप कैसे बिगाड़ रहे आपकी नींद? जानिए बेहतर नींद के आसान उपाय

क्या है Restless Legs Syndrome?

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Restless Legs Syndrome एक न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है, जिसमें व्यक्ति को पैरों में असहज महसूस होता है और उन्हें लगातार हिलाने की इच्छा होती है। यह समस्या खासतौर पर रात में आराम करते समय या सोते वक्त ज्यादा बढ़ जाती है। चलने-फिरने या पैर हिलाने से कुछ समय के लिए राहत मिलती है।

RLS के सामान्य लक्षण

  • पैरों में झनझनाहट या सुई चुभने जैसा एहसास
  • पैरों में खिंचाव, जलन या रेंगने जैसा महसूस होना
  • रात में सोते समय बेचैनी बढ़ना
  • लगातार पैर हिलाने की इच्छा होना
  • नींद पूरी न होना और दिनभर थकान महसूस करना
  • कुछ लोगों में हाथों में भी ऐसे लक्षण दिख सकते हैं।

रात में ही क्यों बढ़ती है समस्या?

विशेषज्ञों के अनुसार, RLS के लक्षण शाम और रात में ज्यादा गंभीर हो जाते हैं। लंबे समय तक बैठने या लेटे रहने से यह परेशानी बढ़ सकती है। यही वजह है कि कई लोगों की नींद बार-बार टूटती है।

Restless Legs Syndrome के कारण

RLS के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:

आयरन की कमी

शरीर में आयरन की कमी RLS का बड़ा कारण मानी जाती है। आयरन की कमी से डोपामाइन सिस्टम प्रभावित हो सकता है, जो मांसपेशियों की गतिविधियों को नियंत्रित करता है।

विटामिन B12 की कमी

विटामिन B12 की कमी से नसों पर असर पड़ता है, जिससे पैरों में झनझनाहट और बेचैनी हो सकती है।

अन्य कारण

  • डायबिटीज
  • किडनी से जुड़ी बीमारी
  • प्रेग्नेंसी
  • तनाव और नींद की कमी
  • कुछ दवाइयों का साइड इफेक्ट

क्या कहते हैं मरीज?

Reddit जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कई लोगों ने बताया कि उन्हें रात में “कीड़े रेंगने” या “इलेक्ट्रिक झटके” जैसा एहसास होता है, जो चलने या पैर हिलाने से कुछ देर के लिए कम हो जाता है।

राहत पाने के उपाय

  • नियमित एक्सरसाइज करें
  • सोने का समय तय रखें
  • कैफीन और शराब से दूरी बनाएं
  • आयरन और विटामिन युक्त डाइट लें
  • हल्की स्ट्रेचिंग और मसाज करें
  • जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से जांच करवाएं

कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?

अगर पैरों की बेचैनी आपकी नींद और रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रही है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। सही समय पर इलाज से इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

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