सोशल संवाद / डेस्क : कई बार ऐसा होता है कि सर्दी-जुकाम ठीक हो जाता है, लेकिन खांसी हफ्तों तक पीछा नहीं छोड़ती। शुरुआत में हम इसे मौसम, ठंडी हवा, AC या ऑफिस के माहौल को जिम्मेदार मान लेते हैं। लेकिन जब दो हफ्ते चार हफ्तों में बदल जाते हैं, तब यह खांसी परेशानी बन जाती है। आखिर सर्दियों की खांसी इतनी लंबी क्यों चलती है, आइए जानते हैं।
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ठंडी और सूखी हवा से एयरवेज में जलन
सर्दियों की ठंडी और सूखी हवा गले और सांस की नलियों को इरिटेट करती है। इससे सूजन और अतिरिक्त बलगम बनने लगता है, जिसे बाहर निकालने के लिए शरीर खांसी करता है। कई बार इंफेक्शन खत्म होने के बाद भी यह जलन बनी रहती है।
इंफेक्शन चला जाता है, लेकिन खांसी की आदत रह जाती है
वायरल इंफेक्शन के बाद गले और छाती की नसें ज्यादा संवेदनशील हो जाती हैं। हल्की धूल, ठंडा पानी या ज्यादा बोलना भी खांसी को ट्रिगर कर सकता है। इसे पोस्ट-वायरल कफ कहा जाता है।
घर के अंदर का माहौल भी जिम्मेदार
हीटर की सूखी हवा, धूल, परफ्यूम, अगरबत्ती और बंद कमरे की हवा खांसी को और बढ़ा सकती है।
कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है
अगर खांसी 4–6 हफ्तों से ज्यादा रहे, सीने में दर्द, सांस फूलना, खून वाली बलगम या तेज बुखार हो, तो डॉक्टर से सलाह लें।
खांसी में क्या करें
गुनगुना पानी, भाप, शहद (यदि एलर्जी न हो) और ह्यूमिडिफायर खांसी में राहत दे सकते हैं।










