सोशल संवाद / जमशेदपुर : टाटानगर स्टेशन के यात्रियों को अभी एक-डेढ़ साल तक नई ट्रेन मिलने में संशय है। कोचिंग टर्मिनल और ब्लॉक स्टेशन बनने के बाद ही रेलवे किसी मार्ग में नई ट्रेन चलाने पर विचार करेगा। सांसद विद्युतवरण महतो ने आनंद विहार-पुरुलिया एक्सप्रेस को टाटानगर तक चलाने एवं टाटानगर से पटना भाया गया तक नई ट्रेन का प्रस्ताव देने पर रेलवे ने हल्दीपोखर में कोचिंग टर्मिनल की योजना बताई।

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छोटानागपुर पैसेंजर एसोसिएशन के महासचिव डॉ. अरुण तिवारी द्वारा टाटानगर से फारबिसगंज तक नई ट्रेन एवं आसनसोल गोरखपुर एक्सप्रेस को टाटानगर लाने का सवाल उठाने पर कोचिंग टर्मिनल बनने का जवाब दिया गया। वहीं, दक्षिण पूर्व जोन रेलवे सलाहकार समिति सदस्य अरुण जोशी द्वारा टाटानगर मुंबई अंत्योदय एक्सप्रेस को फिर से चलाने की मांग करने पर रेलवे ने टर्मिनल की समस्या बताई। रेलवे के तर्क से विभिन्न मार्ग में नई ट्रेन की उम्मीद 2028 मार्च नहीं है।
मालूम हो कि दक्षिण पूर्व जोन हल्दीपोखर में नया कोचिंग टर्मिनल बनाने वाला है, जिसे दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। गोविंदपुर में दो लूप लाइन समेत नया ब्लॉक स्टेशन मार्च 2028 तक तैयार होगा। टाटानगर में ट्रेन ट्रैफिक अधिक होने के कारण यह निर्णय लिया गया। योजना संपन्न होने तक नई ट्रेन चलाने से रेलवे ने लगभग इनकार कर दिया है। बताया जाता है कि गम्हरिया के पास बीरबांस हाल्ट को भी रेलवे ब्लॉक स्टेशन योजना में शामिल किया है। इससे टाटानगर के दोनों क्षोर पर कोचिंग ट्रेनों को रखने या आपात स्थिति में चलाने में सहूलियत होगी। गोविंदपुर और बीरबांस के ब्लॉक स्टेशन बनने से ट्रेनों की क्रॉसिंग सिस्टम आसान होगा, जबकि हल्दीपोखर में कोचिंग टर्मिनल बनने से ट्रेनों के रखरखाव, रैक की पार्किंग में सहूलियत होगी।









