सोशल संवाद / रांची : सीजीएल रद्द होने का सीधा असर रांची में सचिवालय सहित जिलों के प्रखंडों तक के कामकाज पर पड़ना तय माना जा रहा है। सरकार के फैसले से सैकड़ों सहायक शाखा पदाधिकारी नौकरी से बाहर हो गए हैं। अब कार्यरत प्रशाखा पदाधिकारियों पर काम का भारी दबाव आगया है। इसी तरह अलग-अलग विभागों में नियुक्त कर्मियों के सेवा से बाहर होने के बाद संबंधित विभाग उन खाली पदों को अतिरिक्त प्रभार पर देनेकी तैयारी कर रहे हैं।

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इसके लिएराज्यसरकार के अगले फैसले का इंतजार हैं। ऐसे विभागों में श्रम एवं नियोजन, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा राजस्व विभाग प्रमुख हैं। सीजीएल से 2012 और 2016 में भी कई एएसओ का चयन हुआ था। इनकी एसओ में पदोन्नति हो गई, पर वे एएसओ का कार्यभार भी संभाल रहे थे। ऐसा इसलिए क्योंकि प्रमोशन के समय उन्हें घोषणापत्र देना था कि वे एएसओ के पद पर कार्य करते रहेंगे। 2023 में सीजीएल से 863 एएसओ बहाल हुए। तब एसओ अतिरिक्त जिम्मेदारी से मुक्त हो पाए थे। अब जब 863 एएसओ की नौकरी समाप्त हो गई है, तो उन्हें दोबारा कार्यभार संभालना पड़ेगा।
अतिरिक्त प्रभार देने की चल रही तैयारी
खाद्य आपूर्ति विभाग के तहत 250 प्रखंडों में कार्यरत प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों की सेवा भी समाप्त हो गई है। अब विभाग स्तर पर इन पदों का कार्यभार बीडीओ अथवा सीओ को सौंपने की तैयारी है। राजस्व विभाग के अंतर्गत भी 180 अंचल निरीक्षकों की सेवा खत्म हो गई है। इससे म्युटेशन पर असर पड़ेगा।









