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जिले में 15505 लोगों की जांच में मलेरिया के 110 मरीज मिले

By Riya Kumari

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जिले में 15505 लोगों की जांच में मलेरिया के 110 मरीज मिले

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सोशल संवाद / जमशेदपुर : जिले में शनिवार को कुल 15505 लोगों की मलेरिया जांच की गई, जिनमें 110 मरीज मिले। इनमें सार्वाधिक मरीज पोटका से 43, डुमरिया से 17, मुसाबनी से 16 और पटमदा से 15 मरीज मिले। अन्य प्रखंडों का आंकड़ा 10 से नीचे है। मानगो और बिरसानगर क्षेत्र में एक भी मरीज नहीं मिले।

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इस तरह अबतक जिले में कुल 1826 मलेरिया के मरीज मिले हैं। इनमें सर्वाधिक 634 मरीज पोटका के हैं। शनिवार को विभिन्न प्रखंडों में लार्वा नष्ट करने के लिए छिड़काव एवं फॉगिंग की गई। ग्वालकाटा हाईस्कूल के अंतर्गत राजकीयकृत अनुसूचित जनजाति उच्च आवासीय विद्यालय सबर नगर एवं भारत सेवाश्रम संघ जनजातीय बालिका आवासीय विद्यालय पूरा गांव सबर नगर में फॉगिंग की गई।

पोटका में 43 स्थानों पर लगा कैंप प्रखंड क्षेत्र में वृहद स्तर पर मलेरिया जांच अभियान शुरू किया गया है। शनिवार को कुल 43 स्थानों पर कैंप लगाकर सीएमओ, एमपीडब्ल्यू व एएनएम टीम द्वारा 2433 ग्रामीणों की मलेरिया जांच की गई। इनमें 43 संक्रमित पाए गए। शनिवार को सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल व सीएचसी प्रभारी डॉ. सुकांत सीट द्वारा मलेरिया जांच शिविर का निरीक्षण किया गया एवं ग्रामीणों को मलेरिया से बचाव के लिए जागरूक किया गया। सीएस ने कहा कि ग्रामीण बुखार आने पर तुरंत नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराएं। गांवों में उपलब्ध झोला छाप डॉक्टरों से इलाज न कराएं।

जांच के दौरान पाए जाने वाले प्रत्येक पॉजिटिव केस को आईएसआईपी पोर्टल पर अपडेट करना है। साथ ही जिन गांवों में पॉजिटिव केस पाए जाते हैं, वहां तीन दिन के अंदर में मलेरिया जांच करनी है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों में मलेरिया की जांच के बाद दैनिक रिपोर्ट जिला मुख्यालय को प्रस्तुत करेंगे। साथ ही सभी स्वास्थ्यकर्मी मलेरिया रोगियों को जांच करते हुए जियो टैग फोटोग्राफ प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोटका तथा जिला मुख्यालय में प्रस्तुत करेंगे।

सिविल सर्जन ने पोटका के तीन क्लीनिक को किया शोकॉज

 सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने पोटका प्रखंड के कई क्लीनिक का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने तीन क्लीनिक को शोकॉज किया है। इनमें मानव बंधु क्लीनिक, मनसा भगत क्लीनिक, राजा बाला क्लीनिक शंकरदा शामिल हैं। तीनों क्लीनिक में मरीजों की उचित जांच नहीं की जा रही थी। ये सभी क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत रजिस्टर्ड भी नहीं हैं।

मानव बंधु अस्पताल में एक्स-रे मशीन का लाइसेंस नहीं पाया गया, साथ ही तीनों अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा मेडिकल प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके कारण तीनों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। एक सप्ताह के अंदर जवाब सिविल सर्जन कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा गया। सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोटका का भी जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल का निरीक्षण तथा मलेरिया की स्थिति पर समीक्षात्मक बैठक तथा रोगियों की स्थिति का जायजा लिया गया। सिविल सर्जन ने कहा कि प्रत्येक दिन कम से कम पांच हजार लोगों की जांच की जाएगी।

पटमदा सीएचसी प्रभारी सहित दो से मांगा स्पष्टीकरण

मलेरिया जांच और रिपोर्ट देने में लापरवाही के मामले में सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने शनिवार को दो अधिकारियों को शोकॉज नोटिस जारी किया है। पटमदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. आरके सिंह को 9 और 10 जुलाई को मलेरिया जांच कम करने के कारण शो कॉज किया गया है। हालांकि, शनिवार को उन्होंने निर्धारित लक्ष्य से अधिक जांच करा दी। इसी तरह पोटका के मलेरिया टेस्ट सुपरवाइजर सुनील कुमार को भी शो कॉज नोटिस दिया गया है। दिल्ली की टीम के दौरान रिपोर्ट प्रस्तुत न कर पाने के कारण उन्हें यह नोटिस जारी किया गया है।

एमजीएम की नर्स को भी मलेरिया, आईसीयू में भर्ती

एमजीएम अस्पताल के पीकू वार्ड में काम करने वाली एक नर्स को भी मलेरिया होने पर दो दिन पहले भर्ती किया गया। उसे गंभीर होने के कारण आईसीयू में भर्ती कराया गया था। फिलहाल उनकी तबीयत में सुधार है। वह डिमना स्थित हिलव्यू कॉलोनी में रहती हैं।

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