सोशल संवाद / जमशेदपुर : जिले में एमजीएम के डॉक्टरों की टीम ने गुरुवार को मलेरिया की जांच समाप्त की तो संख्या भी घट गई। शुक्रवार को कुल 3453 मरीजों की जांच की गई, जिसमें कुल 119 पॉजिटिव मिले। जांच अधिक हो रही थी तो मरीजों की संख्या भी बढ़ी थी।
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गुरुवार को 4602 जांच में 255 और बुधवार को कुल 326 मरीज मिले थे। दरअसल, इन दो दिनों में एमजीएम के 100 इंटर्न छात्र वहां पर कैंप कर रहे थे। जांच की संख्या में कमी के कारण बहुत ऐसे मरीज होंगे, जिनकी न तो जांच हो पाएगी और न ही उनके बारे में पता चल पाएगा।
जुगसलाई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों द्वारा गुरुवार को विभिन्न क्षेत्रों में मलेरिया जांच सिविल अभियान चलाया गया। इससे सुंदरनगर कस्तूरबा गांधी विद्यालय में दो छात्राएं भी मलेरिया पीड़ित मिलीं। विद्यालय में जांच का अभियान शुक्रवार को भी जारी रहा। पोटका में मलेरिया मरीजों की संख्या अचानक बढ़ने से सिविल सर्जन के आदेश पर बिरसानगर, गोविंदपुर, लक्ष्मीनगर, हरहरगुट्ट, परसूडीह, कीताडीह एवं अन्य क्षेत्रों में एमपीडब्ल्यू और सहिया किट के माध्यम से मलेरिया जांच अभियान बुधवार से चला रही इससे बुधवार को 116 की जांच में दो हैं।
केन्द्र और राज्यों की टीम पोटका जाएगी जांच करने
मलेरिया और ब्रेन मलेरिया के मरीजों की विस्फोटक संख्या पर नियंत्रण पाने और कारणों को जानने के लिए शुक्रवार को केंद्रीय टीम जमशेदपुर पहुंची। यह टीम पोटका जाएगी और जाँच करेगी। तीन दिन से पटना और रांची से आई टीम कैंप कर रही थी। शुक्रवार सुबह कीट विज्ञान की वैज्ञानिक ने पोटका में प्रभावित क्षेत्र जाकर वहां पर मच्छरों और उनके लार्वा का नमूना एकत्र किया। वे ये जानना चाह रहे कि मच्छरों की कितनी संख्या है और कितना लार्वा एकत्रित है।
मरीज मिले थे और गुरुवार को 329 की जांच में चार मलेरिया मरीज मिले हैं। मलेरिया के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि वे अगले सप्ताह जमशेदपुर आएंगे और अस्पताल सहित प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे। उन्होंने कहा कि कहां चूक हुई है, इसकी भी वह समीक्षा करेंगे और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।










