सोशल संवाद / जमशेदपुर : शहर के प्राइवेट स्कूलों में गरीब व अभिवंचित वर्ग के बच्चों के एडमिशन आरक्षित 25 फीसदी सीटों पर स५. वार के लोगों ने कब्जा करने की पूरी तैयारी की थी. जिला शिक्षा विभाग की ओर से विभिन्न विभागों में जांच के लिए भेजे गये सर्टिफिकेटों की जांच लगभग पूरी कर ली गयी है. जांच रिपोर्ट की अंतिम फाइल तैयार की गयी है,

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जिसमें पाया गया कि शहर के प्राइवेट स्कूलों में गरीब व अभिवंचित वर्ग की सीटों पर एडमिशन के लिए आरक्षित 25 फीसदी सीटों पर किये गये कुल आवेदनों में 122 आवेदन फर्जी थे. अभिभावकों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर बच्चों के एडमिशन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था. उक्त आवेदन में संलग्न सभी दस्तावेजों की जांच के लिए जिला शिक्षा विभाग ने सीओ ऑफिस, जेएनएसी, एमएनएसी, जुगसलाई नगर पालिका,एमजीएम अस्पताल से सर्टिफिकेट की जांच करवायी. जिला शिक्षा विभाग के अनुसार, अब तक करीब 2400 आवेदनों की जांच करवायी जा चुकी है, जबकि कुल आवेदकों की संख्या 3031 है. आने वाले 10 दिनों में सभी सर्टिफिकेट की जांच संपन्न होने की संभावना है.
गौरतलब है कि स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की ओर से पूर्व में जारी गाइड लाइन के अनुसार, प्राइवेट स्कूलों में गरीब व अभिवंचित वर्ग के प्रथम चरण के एडमिशन की प्रक्रिया को मार्च में पूरा कर लिया जाना था. लेकिन, फर्जी दस्तावेज पकड़े जाने व नगर निकाय चुनाव में सरकारी कर्मियों की व्यस्तता वजह से दस्तावेजों के सत्यापन के काम की गति धीमी हुई. यही कारण है कि अब तक सभी दस्तावेजों के जांच का कार्य पूरा नहीं हो सका है. हालांकि, जिला शिक्षा विभाग द्वारा तैयारी की गयी है कि मार्च के अंतिम सप्ताह तक हर हाल में लॉटरी करवा कर एडमिशन की प्रक्रिया शुरू की जायेगी. प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन की फाइलें भेज दी जायेंगी.
फर्जी सर्टिफिकेट वाले आवेदन हुए रद्द
रद्द शहर के 122 लोगों ने अपने बच्चे के एडमिशन के लिए फर्जी सर्टिफिकेट बनवा लिया था. इस प्रकार के सभी आवेदनकर्ताओं के आवेदन रद्द कर दिये गये हैं. फर्जीवाड़ा करने वाले उक्त सभी आवेदकों की एक सूची तैयार की गयी है. इस सूची में जिन अभिभावकों के नाम शामिल हैं, उन पर किस प्रकार से कार्रवाई की जाये, इसे लेकर उपायुक्त के स्तर पर कोई निर्णय लिया जायेगा. गौरतलब है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने के मामले में सरकार की ओर से कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिये गये हैं.









