सोशल संवाद / डेस्क : 15 अगस्त – यह दिन हमें उन वीर शहीदों की याद दिलाता है जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर हमें आज़ादी दिलाई। जब पूरा देश तिरंगे के रंग में रंगा होता है, तब खेल के मैदान पर भी देशभक्ति की भावना अपनी अलग ही चमक बिखेरती है। भारतीय क्रिकेट टीम के लिए भी यह दिन कई बार ऐसा मौका बना, जब मैदान पर खेलते हुए खिलाड़ियों की रगों में देश के लिए कुछ खास करने का जुनून साफ झलकता रहा — चाहे जीत मिली हो या हार।

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15 अगस्त 1947 को भारत ने ब्रिटिश हुकूमत से आज़ादी पाई थी। इसके कुछ वर्षों बाद, भारतीय क्रिकेट टीम ने भी स्वतंत्रता दिवस के दिन मैदान पर कदम रखा। साल 1952 में इंग्लैंड के खिलाफ एक ऐतिहासिक टेस्ट मैच खेला गया, जो 14 अगस्त से शुरू होकर 15 अगस्त तक चला। भले ही मुकाबला ड्रॉ रहा, लेकिन इस दिन का ऐतिहासिक महत्व बना रहा, क्योंकि यह पहला मौका था जब टीम इंडिया ने स्वतंत्रता दिवस पर टेस्ट मैच खेला था।
इसके बाद लंबे समय तक ऐसा कोई संयोग नहीं बना। फिर आया साल 2001, जब भारत ने श्रीलंका के खिलाफ इस दिन मैदान संभाला। लेकिन दुर्भाग्यवश, टीम को हार का सामना करना पड़ा। 2014 का इंग्लैंड दौरा भी फैन्स के लिए निराशाजनक रहा, और 2015 में एक बार फिर श्रीलंका के खिलाफ 15 अगस्त को मैच खेला गया, लेकिन परिणाम फिर से भारत के पक्ष में नहीं रहा।
हालांकि, साल 2021 ने इस सिलसिले को तोड़ते हुए गर्व का पल दिया। इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स के मैदान पर टीम इंडिया ने 151 रन से धमाकेदार जीत दर्ज की। यह सिर्फ एक जीत नहीं थी, बल्कि यह साबित करती है कि जब खिलाड़ी तिरंगे के नीचे खेलते हैं, तो उनके प्रदर्शन में एक अलग ही ऊर्जा, एक अलग ही जुनून नजर आता है।
टेस्ट क्रिकेट के अलावा वनडे में भी यह भावना देखने को मिली। 2019 में वेस्टइंडीज दौरे के दौरान तीसरा वनडे मैच 14 अगस्त को शुरू हुआ और डकवर्थ-लुईस नियम के अनुसार 15 अगस्त की भारतीय समयानुसार खत्म हुआ। इस मैच में भारत ने 6 विकेट से जीत दर्ज की और एक बार फिर तिरंगे में जीत की चमक भर दी।










