सोशल संवाद / रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में गुरुवार को उनके आवासीय कार्यालय में झारखंड राज्य सजा पुनरीक्षण पर्षद की बैठक हुई। इसमें राज्य के जेलों में आजीवन सजा काट रहे 79 कैदियों की रिहाई की समीक्षा की गई। अंततः 26 की रिहाई पर सहमति दी गई।

बैठक में मुख्यमंत्री एवं अधिकारियों के बीच सजायाफ्ता बन्दियों की रिहाई से जुड़ी निर्धारित मानकों सहित अन्य सभी पहलुओं पर गहनतापूर्वक समीक्षा हुई। इसके उपरांत 26 कैदियों की रिहाई पर सहमति दी गई। वहीं, सीएम ने राज्य के सभी प्रमंडलों में ओपन जेल खोलने के संबंध में भूमि चिन्हितीकरण एवं प्रस्ताव समर्पित करने का निर्देश अधिकारियों को दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि रिहाई के बाद ऐसे व्यक्तियों के पुनर्वास, सामाजिक पुनर्स्थापन एवं सम्मानजनक जीवनयापन के लिए आवश्यक सहयोग दिए जाएं। हमारी
सरकार न्याय व्यवस्था के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं और सुधारात्मक दृष्टिकोण को भी समान महत्व देती है। साथ ही सीएम सोरेन ने मानसिक रूप से बीमार बंदी, जो कारागार में संस्मित हैं या मुक्त हो चुके हैं उनका डाटाबेस तैयार कर उन्हें सामाजिक सुरक्षा का लाभ देने का निर्देश अधिकारियों को दिया।
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, डीजीपी तदाशा मिश्रा, प्रधान सचिव-सह-विधि परामर्शी विधि (न्याय) विभाग नीरज कुमार श्रीवास्तव, महानिरीक्षक कारा एवं सुधारात्मक सेवाएं सुदर्शन प्रसाद मंडल, न्यायिक आयुक्त अनिल कुमार मिश्रा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।









