सोशल संवाद/डेस्क: जमशेदपुर शहर में अब ड्रेनेज का गंदा पानी सीधे नदी में नहीं जाएगा। शहर की जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने और प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (JNAC) ने 86.61 करोड़ रुपये की एक बड़ी योजना को लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है।
यह भी पढ़ें: जमशेदपुर स्वास्थ्य सलाह संवाद 2026 प्रथम संवाद 22 मार्च 2026
इस परियोजना के तहत मोहरदा, बागुनहातु, भोजपुर कॉलोनी और बारीडीह (जिला स्कूल) जैसे प्रमुख इलाकों के बड़े नालों को आधुनिक तरीके से विकसित किया जाएगा। साथ ही, 44 एमएलडी क्षमता का एक अत्याधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भी बनाया जाएगा, जिसमें इन नालों से आने वाले गंदे पानी को साफ किया जाएगा।
अब तक इन क्षेत्रों का दूषित पानी बिना किसी ट्रीटमेंट के सीधे सुवर्णरेखा नदी में बहा दिया जाता था, जिससे नदी का प्रदूषण लगातार बढ़ रहा था। लेकिन नई योजना के तहत इंटरसेप्शन और डायवर्जन तकनीक का उपयोग करते हुए इस गंदे पानी को मोड़कर सीधे ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाया जाएगा। इससे नदी को साफ रखने में मदद मिलेगी और आसपास के लोगों को बदबू व गंदगी की समस्या से भी राहत मिलेगी।
योजना को लागू करने के लिए प्रक्रिया तेज कर दी गई है। जेएनएसी के उप नगर आयुक्त कृष्ण कुमार के अनुसार, 28 मार्च से 17 अप्रैल तक एजेंसियों के चयन के लिए आवेदन लिए जाएंगे। इसके बाद चयनित एजेंसी को काम सौंपा जाएगा, जिसे दो साल के भीतर निर्माण कार्य पूरा करना होगा।
इतना ही नहीं, निर्माण एजेंसी को अगले पांच वर्षों तक इस पूरे सिस्टम के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी भी निभानी होगी। इस पहल को शहर के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जो न केवल पर्यावरण संरक्षण में मदद करेगा बल्कि नागरिकों को भी स्वच्छ और बेहतर जीवन देने की दिशा में अहम साबित होगा।









