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नवरात्रि में 9 दिन ऐसे रखें व्रत:घटेगा वजन, बॉडी होगी डिटॉक्स

By Muskan Thakur

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नवरात्रि में 9 दिन ऐसे रखें व्रत

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सोशल संवाद/डेस्क : नवरात्रि का त्योहार आस्था, भक्ति और उत्साह का त्योहार है। घर में मां दुर्गा की पूजा, मंदिरों में जगराता और चारों तरफ ढोल-नगाड़ों की गूंज होती है। ये नौ दिन सिर्फ पूजा-पाठ का मौका नहीं, बल्कि अपनी सेहत को तरोताजा करने का भी अवसर है। कई बार लोग गलत तरीके से व्रत रखते हैं। वे तले हुए साबूदाना वड़े या ढेर सारे आलू खाते हैं और फिर थकान या पेट में गड़बड़ी की शिकायत करते हैं।

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अगर सही तरीके से व्रत रखा जाए तो ये 9 दिन वजन कम करने और शरीर को डिटॉक्स करने में मददगार हो सकते हैं। सवाल ये है कि व्रत कैसे करें कि भक्ति भी पूरी हो और सेहत भी बनी रहे।

क्या नवरात्रि व्रत में वजन घटा सकते हैं?

व्रत रखने से बॉडी कैसे डिटॉक्स होती है?

एक्सपर्ट: डॉ. अनु अग्रवाल, न्यूट्रिशनिस्ट और ‘वनडाइटटुडे’ की फाउंडर

सवाल: नवरात्रि का व्रत शरीर को डिटॉक्स कैसे करता है?

जवाब: हमारी रोज की जिंदगी में खाने में तेल-मसाले, बर्गर-पिज्जा और मिठाइयां शामिल हैं। ये सब शरीर में टॉक्सिन्स जमा करते हैं, जिससे पेट में भारीपन और थकान महसूस होती है। नवरात्रि में जब आप गेहूं-चावल छोड़कर साबूदाना, कु़ट्टू का आटा, राजगिरा और सेंधा नमक खाते हैं, तो ये पेट के लिए हल्के और ग्लूटेन-फ्री होते हैं। ये पेट को आराम देते हैं और पाचन को सुधारते हैं। फल जैसे सेब, अनार और सब्जियां जैसे लौकी-कद्दू फाइबर और मिनरल्स से भरपूर हैं, जो टॉक्सिन को बाहर निकालते हैं।

सवाल: क्या व्रत से सचमुच वजन कम हो सकता है?

जवाब: हां, बिल्कुल। लेकिन व्रत का मतलब सिर्फ भूखे रहना नहीं है। अगर आप तले हुए साबूदाना वड़े, आलू की टिक्की या ढेर सारी मिठाइयां खाएंगे, तो वजन बढ़ भी सकता है। वजन कम करने के लिए-

कम तेल में खाना बनाएं, जैसे साबूदाना खिचड़ी या भुने मखाने।

दिन में 4-5 बार थोड़ा-थोड़ा करके खाएं।

सवाल: व्रत में क्या खाना चाहिए ताकि वजन कम हो और बॉडी डिटॉक्स हो?

जवाब: नवरात्रि में खाना ऐसा हो जो पेट को हल्का रखे, एनर्जी दे और डिटॉक्स करे। यह रहा 9 दिन का आसान डाइट प्लान-

सुबह 7-8 बजे: गुनगुने पानी में नींबू-शहद, फिर 1 सेब या 1 कटोरी पपीता।

नाश्ता 10-11 बजे: साबूदाना की खिचड़ी में 1 चम्मच घी, मखाने की खीर, जिसमें कम चीनी हो या राजगिरा के लड्डू।

दोपहर 1-2 बजे: कुट्टू की रोटी या समा के चावल, उबली लौकी या कद्दू की सब्जी, 1 कटोरी दही।

शाम 4-5 बजे: नारियल पानी या फल की चाट। इसमें केला, अनार और सेब रखें।

रात 7-8 बजे: उबली सब्जी जैसे लौकी, कद्दू और छाछ लें।

सवाल: पूरे दिन भूखे रहना ठीक है?

जवाब: नहीं, बिल्कुल नहीं। व्रत का मतलब भगवान की भक्ति है, न कि शरीर को तकलीफ देना। पूरे दिन भूखे रहने से कमजोरी, चक्कर या एसिडिटी हो सकती है। दिन में 4-5 बार हल्का खाना, जैसे दही, फल, या साबूदाना, आपको चुस्त रखेगा।

सवाल: व्रत में एनर्जी कैसे बनाए रखें?

जवाब: व्रत में थकान या चिड़चिड़ापन न हो, इसके लिए-

खूब पानी पिएं: दिन में 8-10 गिलास पानी, नींबू पानी या नारियल पानी पिएं।

हल्के स्नैक्स: भुने मखाने, बादाम या अखरोट खाएं। ये लंबे समय तक एनर्जी देते हैं।

हाइड्रेशन ड्रिंक्स: पुदीने का शरबत या छाछ पिएं, ये शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स बनाए रखते हैं।

सवाल: डायबिटीज या बीपी वालों को व्रत कैसे रखना चाहिए?

जवाब: डायबिटीज और बीपी के मरीजों को व्रत से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। फिर भी, कुछ आसान टिप्स-

डायबिटीज: मीठे फल जैसे-केला, चीकू कम खाएं। सेब, नाशपाती या अनार बेहतर हैं। हर 3 घंटे में थोड़ा-थोड़ा खाएं ताकि शुगर लेवल स्थिर रहे।

बीपी: सेंधा नमक कम यूज करें, ज्यादा नमक से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है।

दोनों के लिए: उबली सब्जियां, दही और मखाने सही हैं।

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