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दिल्ली में कल से ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ : प्रदूषण के खिलाफ बहु-स्तरीय लड़ाई में पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के सख्त निर्देश

By Riya Kumari

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सोशल संवाद / नई दिल्ली : माननीय मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार वायु प्रदूषण से निपटने के लिए ठोस और समन्वित कदम उठा रही है। पेट्रोल पंप डीलर संघ और वरिष्ठ ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने घोषणा की कि कल से दिल्ली में “नो पीयूसी, नो फ्यूल” नियम को सख्ती से लागू किया जाएगा। इसके साथ ही गैर-बीएस-6 बाहरी राज्यों के वाहनों को दिल्ली की सीमाओं से ही वापस भेजा जाएगा।

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सिरसा ने कहा, “दिल्ली सरकार प्रदूषण के खिलाफ चार साफ मोर्चों पर काम कर रही है – वाहन प्रदूषण, धूल, उद्योग और ठोस कचरा। पिछले वर्ष के आंकड़ों पर आधारित पूर्वानुमान बताता है कि आने वाला सप्ताह चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन हमारी कोशिशें रुकने वाली नहीं हैं। हमारा लक्ष्य हर दिल्लीवासी को साफ हवा देना है।”

माननीय मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बिना वैध पीयूसी प्रमाणपत्र किसी भी वाहन को ईंधन नहीं दिया जाएगा। पेट्रोल पंपों पर एएनपीआर कैमरे, वॉइस अलर्ट और पुलिस सहयोग के साथ यह व्यवस्था लागू की जाएगी। उन्होंने कहा, “प्रदूषण नियंत्रण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, यह हम सबकी साझी जिम्मेदारी है। पीयूसी के बिना ईंधन देना प्रतिबंधित है और सभी डीलरों को इसका पालन सुनिश्चित करने में सहयोग देना होगा।”

बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी कि 126 चेकपॉइंट्स और बॉर्डर प्वाइंट्स पर 580 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे, जिनके साथ 37 प्रखर वैन भी होंगी। इसके अलावा परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीमें पेट्रोल पंपों और बॉर्डर चेकपॉइंट्स पर मौजूद रहेंगी ताकि नियमों का प्रभावी पालन हो सके।

नागरिकों से अपील करते हुए सिरसा ने कहा, “यह अभियान किसी को परेशान करने के लिए नहीं है, बल्कि दिल्ली की हवा को सांस लेने लायक बनाने के लिए है। यदि किसी वाहन के पास पीयूसी नहीं है, तो पास के केंद्र से इसे बनवाएं। पेट्रोल पंप स्टाफ या अधिकारियों से सहयोग करें। यह कदम आपके बच्चों के स्वास्थ्य और दिल्ली के भविष्य के लिए है।”

ट्रैफिक और उत्सर्जन कम करने के लिए तकनीकी पहल

दिल्ली सरकार ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए गूगल मैप्स के साथ साझेदारी की संभावनाओं पर भी काम कर रही है। आज मंत्री ने गूगल मैप्स के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें ट्रैफिक सिग्नलों के साथ डेटा एकीकरण और जाम वाले इलाकों की पहचान पर चर्चा हुई।

सिरसा ने बताया सरकार का लक्ष्य कम से कम 100 नए ट्रैफिक हॉटस्पॉट्स की पहचान कर वहां संरचित समाधान लागू करना है। इस पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर अगली बैठक में समीक्षा की जाएगी।

धूल और कचरा प्रदूषण पर बड़ा एक्शन

पीडब्ल्यूडी ने गड्ढों की निगरानी के लिए स्थायी व्यवस्था भी शुरू की है, जिसमें थर्ड पार्टी एजेंसी द्वारा सर्वे कर 72 घंटे के भीतर मरम्मत सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही एक स्वतंत्र एजेंसी साल भर गड्ढों का डेटा एकत्र कर प्रदूषण नियंत्रण उपायों के जमीनी क्रियान्वयन का ऑडिट करेगी।

“हम केवल नीतियां नहीं बना रहे, बल्कि उन्हें जमीन पर उतार रहे हैं,” सिरसा ने कहा।

दिल्ली सरकार प्रदूषण से निपटने के लिए पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय भी लगातार बनाए हुए है।

कचरा जलाने की कथित घटना का खुलासा

इससे पहले एक प्रेस ब्रीफिंग में पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने त्रिलोकपुरी विधायक रविकांत के साथ एक गंभीर घटना का खुलासा किया, जिसमें आम आदमी पार्टी के एक पार्षद पर त्रिलोकपुरी वार्ड में जानबूझकर कचरा जलाकर प्रदूषण बढ़ाने का आरोप है।

सिरसा ने कहा, “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग दिल्ली को साफ करने के बजाय कूड़ा जलाकर उसे और प्रदूषित करने की राजनीति कर रहे हैं। मैं सभी विपक्षी नेताओं से अपील करता हूं कि ऐसी हरकतों से दूर रहें और प्रदूषण के खिलाफ इस लड़ाई में सरकार के साथ खड़े हों।”

विधायक रविकांत ने कहा कि यह केवल एक वार्ड की बात नहीं है, बल्कि ऐसी लापरवाही दिल्ली की जनता के स्वास्थ्य और सम्मान दोनों के लिए खतरा है। दिल्ली सरकार का संदेश साफ है – प्रदूषण के खिलाफ यह लड़ाई लंबी है, लेकिन सरकार और जनता मिलकर इसे जरूर जीतेंगे।

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