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Delhi में सख्ती, जगह-जगह गाड़ियों की चेकिंग: सिर्फ BS-6 इंजन गाड़ियों को एंट्री

By Aditi Pandey

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Strictness in Delhi checking of vehicles at various places

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सोशल संवाद/डेस्क: Delhi में प्रदूषण से निपटने के लिए बुधवार-गुरुवार रात 12 बजे से ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का चौथा फेज लागू हो गया है। इसके तहत कई सख्त नियम लगाए गए है। दिल्ली में आज से सिर्फ BS-6 इंजन वाली गाड़ियों को एंट्री मिल रही है।

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इससे कम मानक वाले, दिल्ली के बाहर की गाड़ियों को शहर में आने नहीं दिया जा रहा है। इस फैसले से दिल्ली में बाहर से रोजाना आने-जाने वाली 12 लाख गाडियों पर असर पड़ा है। नोएडा से 4 लाख से ज्यादा, गुरुग्राम से 2 लाख और गाजियाबाद से 5.5 लाख वाहनों को दिल्ली में आने से बैन कर दिया गया है।

दिल्ली में ‘नो PUC, नो फ्यूल’ नियम भी लागू हो गया है। पॉल्युशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट के बिना गाड़ियों को पेट्रोल, डीजल या CNG नहीं दिया जा रहा है। बिना PUC सर्टिफिकेट वाली गाड़ियों की पहचान के लिए पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर (ANPR) कैमरे लगाए गए हैं। शहर के अंदर और बॉर्डर पर जगह-जगह गाड़ियों की चेकिंग की जा रही है। PUC जांच में फेल होने पर गाड़ियों को बिना फ्यूल दिए पेट्रोल पंप से लौटाया जा रहा है। वहीं, नॉन BS-6 इंजन वाली गाड़ियां बॉर्डर से यू-टर्न ले रही हैं।

पुरानी कारों की एंट्री पर ₹20 हजार जुर्माना या बॉर्डर से यू-टर्न

दिल्ली परिवहन विभाग के अधिकारी दीपक ने बताया कि दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड गैर-BS6 कॉमर्शियल और निजी वाहनों की सख्ती से जांच की जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने पर 20 हजार रुपए का चालान किया जा रहा है या वाहन को यू-टर्न करवाया जा रहा है।

जिन वाहनों के पास वैध और अपडेटेड पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट (PUC) नहीं है, उन पर 10 हजार रुपए जुर्माना लगाया जा रहा है। मोटर वाहन अधिनियम के तहत, बार-बार नियम तोड़ने पर वाहन को जब्त करने का प्रावधान है।

CNG, इलेक्ट्रिक वाहन और जरूरी सेवाओं वाले वाहनों को छूट

दिल्ली में GRAP-4 के तहत निर्माण सामग्री ले जाने वाले वाहनों पर पूरी तरह बैन है। CNG, इलेक्ट्रिक वाहन, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और जरूरी सेवाओं को छूट दी गई है। ट्रैफिक जाम रोकने के लिए 100 हॉटस्पॉट्स पर गूगल मैप मदद लेगा। नियम तोड़ने पर वाहन जब्ती, जुर्माना और कानूनी कार्रवाई होगी। पर्यावरण अधिनियम 1986 के तहत सजा मिलेगी।

सभी सरकारी और प्राइवेट दफ्तरों में 50% कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य कर दिया गया है। प्राइमरी स्कूलों में बच्चों की ऑनलाइन क्लासेज चलेंगी। सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी के स्टूडेंट्स को अपनी मर्जी से ऑनलाइन या फिजिकल क्लास चुनने का ऑप्शन दिया गया है।

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