सोशल संवाद / नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में प्रदूषण फैला रहे भाजपा शासित एमसीडी के टोल प्लाजा को बंद करने की सोमवार को गाजीपुर टोल प्लाजा पर जोरदार प्रदर्शन किया। “आप” के वरिष्ठ नेता व एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग के नेतृत्व में दिल्ली सरकार और एमसीडी के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।

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इस दौरान अंकुश नारंग ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने प्रदूषण के चलते सभी टोल नाकों पर वाहनों को रोक कर उनसे टैक्स वसूलने पर रोक लगाया है, लेकिन एमसीडी वाहनों से लगातार वसूली कर रही है। इसके चलते टोल नाके प्रदूषण के हॉटस्पॉट बन गए हैं और इसका खामियाजा दिल्ली की जनता भुगत रही है। इस अवसर पर एमसीडी सह-प्रभारी प्रवीण कुमार, प्रीति डोंगरा, एमसीडी के हेल्थ कमिटी के सभी सदस्य और आम आदमी पार्टी के निगम पार्षद मौजूद रहे।
एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन है कि दिल्ली के अंदर प्रदूषण बहुत ज्यादा हो गया है, इसलिए टोल प्लाजा पर गाड़ी रोककर टोल टैक्स न वसूला जाए, लेकिन भाजपा इस गाइडलाइन को मानने को तैयार नहीं है। सिर्फ चंद पैसों के कारण इन्होंने बच्चों और बुजुर्गों को इस प्रदूषण के अंदर मरने के लिए छोड़ दिया है।

उन्होंने कहा कि टोल टैक्स नाके पर रोजाना एक से डेढ़ किमी लंबी भीड़ लगती है। अंदाजा लगाया जा सकता है कि इससे कितना प्रदूषण होता होगा। यह जगह प्रदूषण का ‘हॉटस्पॉट’ बनकर रह गई है। दिल्लीवासी आज परेशान हैं और आंकड़े बताते हैं कि औसतन चार में से तीन लोग बीमार हैं। हमें भाजपा की लापरवाही की वजह से रोजाना 15 सिगरेट के बराबर धुआं अपने फेफड़ों में लेना पड़ रहा है।
अंकुश नारंग ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा गाइडलाइन दिए जाने के बाद भी भाजपा के कानों पर जूं नहीं रेंग रही है। सिर्फ थोड़ी सी वसूली के लिए इन्होंने दिल्ली की उस जनता की जिंदगी खतरे में डाल दी है, जिसने इन्हें 70 में से 48 सीटें दीं, सातों लोकसभा सांसद दिए और एमसीडी में भी मौका दिया। आज वही जनता इस जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर है।
अंकुश नारंग ने आम आदमी पार्टी की तरफ से मांग रखी कि टोल टैक्स प्लाजा तुरंत प्रभाव से बंद होने चाहिए और इस तरह वसूली नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज दिल्ली में भाजपा की चार इंजन वाली सरकार है। इसलिए इन्हें फंड की तो कोई कमी नहीं होगी। यह राजस्व दिल्ली सरकार या केंद्र सरकार से भी लिया जा सकता है, लेकिन जनता की जान ज्यादा महत्वपूर्ण है।
अंकुश नारंग ने बताया कि ये लोग इस मुद्दे को न सिर्फ समिति के अंदर, बल्कि सदन तक लेकर जाएंगे। आम आदमी पार्टी गाजीपुर के साथ-साथ कालिंदी कुंज, टिकरी बॉर्डर और रजोकरी के सभी टोल टैक्स नाकों को बंद करवाएगी, ताकि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन हो सके और दिल्ली की जनता खुली हवा में सांस ले सके।

इस दौरान एमसीडी के सह-प्रभारी प्रवीण कुमार ने कहा कि टोल टैक्स प्लाजा पर भारी जाम और भीड़भाड़ होती है। रात के समय तो इतनी गाड़ियां और ट्रक आते हैं कि दिल्ली एक तरह से ‘गैस चैंबर’ बन जाती है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश को 15 दिन हो गए हैं, लेकिन ये टोल उसी तरह चल रहे हैं। चार इंजन वाली भाजपा सरकार को कोई शर्म नहीं आती। भाजपा शासित एमसीडी को दिल्ली के बच्चों की सांसों की फिक्र नहीं है, लेकिन अपनी कमाई की फिक्र जरूर है। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग आम आदमी के तंदूर तो बंद कर सकते हैं, लेकिन अपनी कमाई के अड्डे बंद नहीं कर सकते क्योंकि टोल टैक्स के ठेकेदार इन्हें मोटा चंदा देते हैं।
प्रवीण कुमार ने बताया कि दिल्ली पूरी तरह गैस चैंबर में तब्दील हो गई है। भाजपा का नारा था ‘400 पार’, लेकिन आज सीटों के बजाय एक्यूआई 400 के पार जा रहा है। यह बेहद शर्मनाक है। स्वास्थ्य समिति इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाएगी और इन टोल टैक्स नाकों को बंद कराकर रहेगी, क्योंकि जनता की सांसों के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
वहीं, एमसीडी की सह-प्रभारी प्रीति डोगरा ने कहा कि जब तक प्रदूषण पर नियंत्रण नहीं हो जाता, तब तक टोल टैक्स को पूरी तरह से बंद कर देना चाहिए। लेकिन कुछ पैसा कमाने, भ्रष्टाचार करने और ठेकेदारों की जेबें भरने के लिए अभी तक इस पर कोई सुनवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि न तो भाजपा शासित एमसीडी सुन रही है, न दिल्ली सरकार और न ही केंद्र सरकार। भाजपा के लोग सत्ता के नशे में इस कदर चूर हैं कि दिल्ली की जनता को भूल गए हैं। इनका मकसद सिर्फ वोट चोरी करना, सत्ता में आकर बैठ जाना और बुलडोजर चलाना था।

प्रीति डोगरा ने कहा कि भाजपा के लोग भूल गए हैं कि जिस जनता की सांसों से ये आज खेल रहे हैं, उसी जनता ने इन्हें सत्ता में बिठाया है। आज ये उन्हीं लोगों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। छोटे-छोटे बच्चों और बुजुर्गों की सांसों के साथ खेल रहे हैं। गाजीपुर में पिछले हफ्ते आग भी लगी थी और एक्यूआई 800 के पार चला गया था। शाम के 6 बजे ही यहां इतना ट्रैफिक है, तो आधे-एक घंटे बाद यहां एक से दो किमी लंबी कतारें लग जाएंगी और गाड़ियों से निकलने वाला धुआं प्रदूषण को और बढ़ा देगा।
प्रीति डोगरा ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से पूछा कि क्या वे आंख और कान बंद करके बैठी हैं? क्या वे भूल गई हैं कि दिल्ली वालों के साथ क्या हो रहा है? वे अपनी कोठी में आराम कर रही हैं और अपने लिए 57,000 रुपये का एयर फिल्टर इस्तेमाल करती हैं। लेकिन गरीब जनता कहां जाए, जिनका यह हाल है? मुख्यमंत्री यह न भूलें कि वे आज दिल्लीवासियों की सांसों के साथ तो खेल रही हैं, लेकिन सत्ता सिर्फ 5 साल की होती है। 5 साल बाद फिर चुनाव आएंगे और यही जनता उन्हें उखाड़ फेंकेगी। इसलिए उन्हें जल्द से जल्द इसका कोई समाधान निकालना चाहिए और दिल्ली की जनता की सांसों के साथ इस तरह नहीं खेलना चाहिए।










