सोशल संवाद/डेस्क: नए साल की शुरुआत के साथ ही राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव एक बार फिर राजनीतिक विवादों के केंद्र में आ गए हैं। पटना के कौटिल्य नगर में बन रहे उनके नए आवास को लेकर बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। जेडीयू के एमएलसी और मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने लालू यादव की संपत्ति की जांच की मांग उठाई है, जिसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं।

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जेडीयू नेता नीरज कुमार ने सवाल खड़े किए हैं कि सादगी की राजनीति करने वाले नेता आज राजधानी के पॉश इलाके में भव्य आवास कैसे बनवा रहे हैं। उन्होंने निर्माणाधीन घर की जमीन, फंडिंग और आय के स्रोतों की विस्तृत जांच की मांग की है। उनका कहना है कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं की संपत्ति पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए।
इस पर सरकार की ओर से प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय सिन्हा ने साफ कहा कि अगर इस संबंध में औपचारिक आवेदन प्राप्त होता है, तो मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने संकेत दिए कि जमीन के स्वामित्व और वैधानिक प्रक्रिया की गहन पड़ताल होगी।
वहीं, राष्ट्रीय जनता दल ने इस पूरे विवाद को राजनीतिक साजिश करार दिया है। राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने जेडीयू और बीजेपी पर ‘लालू फोबिया’ का आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता पक्ष अपनी विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे मुद्दे उछाल रहा है। उनका कहना है कि जब एनडीए की सरकार केंद्र और राज्य दोनों जगह है, तो जांच से कोई रोक नहीं है।
फिलहाल, लालू यादव के नए आवास को लेकर उठे सवालों ने बिहार की राजनीति में फिर से गर्मी ला दी है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मामला औपचारिक जांच तक पहुंचता है या सिर्फ सियासी बयानबाजी तक ही सीमित रहता है।










