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नगर निकाय चुनाव में देरी व बैलेट फैसले के विरोध में भाजपा का मानगो में धरना, हेमंत सरकार पर लोकतंत्र से खिलवाड़ का आरोप

By Riya Kumari

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नगर निकाय चुनाव

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सोशल संवाद / जमशेदपुर : झारखंड में नगर निकाय चुनावों में लगातार हो रही देरी और बैलेट पेपर से चुनाव कराने के फैसले को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसी कड़ी में, भाजपा जमशेदपुर महानगर की ओर से मंगलवार को मानगो गांधी मैदान स्थित मानगो नगर निगम कार्यालय के समक्ष जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया।

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जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष सुधांशु ओझा के नेतृत्व में आयोजित धरना-प्रदर्शन में सांसद विद्युत वरण महतो, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी समेत बड़ी संख्या में वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। धरने पर बैठे भाजपा नेताओं ने एक स्वर में कहा कि हेमंत सरकार लोकतांत्रिक प्रक्रिया से खिलवाड़ कर रही है। चुनाव की तिथि घोषित न करना, दलीय आधार पर चुनाव से बचना और ईवीएम हटाकर बैलेट पेपर लागू करने की मंशा सरकार की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सांसद विद्युत वरण महतो ने कहा कि छह साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद नगर निकाय चुनाव नहीं कराना सरकार की तानाशाही मानसिकता को दर्शाता है। हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेशों के बावजूद सरकार चुनाव से भाग रही है, क्योंकि उसे जनता की नाराजगी का डर है। चुनाव की आहट से ही सरकार ईवीएम हटाकर बैलेट बॉक्स की साजिश रच रही है ताकि परिणामों को प्रभावित किया जा सके। उन्होंने कहा कि मानगो जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र में नगर निगम का चुनाव नहीं होना जनता के साथ सीधा अन्याय है। बिना निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के विकास कार्य ठप पड़े हैं और केंद्र सरकार की शहरी विकास योजनाओं का लाभ जनता तक नहीं पहुंच पा रहा है।

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी ने झामुमो गठबंधन सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पिछले छह वर्षों में राज्य का विकास ठहर गया है। नागरिक सुविधाएं चरमराई हुई हैं, स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं और सरकार जनविरोधी नीतियों से जनता को परेशान कर रही है। सरकार नगर निकाय चुनाव इसलिए टाल रही है क्योंकि वह जनता का सामना करने की स्थिति में नहीं है।

महानगर अध्यक्ष सुधांशु ओझा ने कहा कि लंबे समय से निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के अभाव में नगर निकायों की स्थिति बद से बदतर हो चुकी है। प्रशासनिक अधिकारियों की मनमानी बढ़ गई है और आम जनता को साफ-सफाई, पेयजल, सड़क, स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए भटकना पड़ रहा है। जनता की आवाज सुनने वाला कोई नहीं है। यदि सरकार ने शीघ्र नगर निकाय चुनाव की घोषणा नहीं की तो आंदोलन तेज किया जाएगा।

पूर्व जिलाध्यक्ष अभय सिंह ने कहा कि मानगो नगर निगम क्षेत्र आज प्रशासनिक अव्यवस्था का शिकार है। जवाबदेही खत्म हो चुकी है क्योंकि चुने हुए जनप्रतिनिधि ही नहीं हैं। नगर निगम चुनाव लोकतंत्र की आत्मा हैं और इसे दबाना पूरी तरह असंवैधानिक है।

भाजपा नेता शैलेन्द्र सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार दलीय आधार पर और ईवीएम से चुनाव कराने से जानबूझकर बच रही है। बैलेट पेपर के जरिए चुनाव कराकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने की साजिश रची जा रही है, जबकि पूरा देश ईवीएम के माध्यम से पारदर्शी चुनाव की दिशा में आगे बढ़ चुका है।

धरना-प्रदर्शन के समाप्ति पर भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राज्यपाल के नाम मानगो नगर निगम के प्रशासक को ज्ञापन सौंपा, जिसमें शीघ्र चुनाव की तिथि घोषित करने, दलीय आधार पर चुनाव कराने और ईवीएम के उपयोग की प्रमुख मांगें रखी गईं। इस दौरान मंच संचालन जिला उपाध्यक्ष राजीव सिंह व धन्यवाद ज्ञापन उलीडीह मंडल अध्यक्ष रविन्द्र सिसोदिया ने किया।

धरना-प्रदर्शन में पूर्व जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह, चंद्रशेखर मिश्रा, अभय सिंह, बिनोद सिंह, राजकुमार श्रीवास्तव, मनोज सिंह, नीरज सिंह, डॉ. जटाशंकर पांडेय, अनिल सिंह, डॉ. राजीव, संजीव सिन्हा, बबुआ सिंह, रेणु शर्मा, विजय तिवारी, कृष्णा शर्मा काली, अखिल सिंह, मंडल अध्यक्ष बिनोद राय, प्रशांत पोद्दार, मारुति नंदन पांडेय, अजीत सिंह समेत धर्मेंद्र प्रसाद, शिव प्रकाश शर्मा, अशोक चौहान, छोटन मिश्रा, प्रीति सिन्हा, लक्की सिंह, श्वेता सिंह, मीरा शर्मा, अनिमेष सिन्हा, सुशील पाण्डेय, प्रकाश दुबे, राहुल तिवारी, मोहम्मद निसार, विजय सोय, विकास साहू सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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