सोशल संवाद / दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वदेशी विज़न को आगे बढ़ाते हुए कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने आज नई दिल्ली में आयोजित एक पत्रकार सम्मेलन में विराट रूप में एक चार दिवसीय भारतीय व्यापार महोत्सव के आयोजन करने की घोषणा की। यह पहल विशेषरूप से प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत, वोकल फॉर लोकल एवं लोकल टू ग्लोबल के आह्वान के अनुरूप शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य देश के घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय व्यापार को सुदृढ़ करना है तथा भारत के व्यापार के परचम को अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में स्थापित करना है।

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कैट के राष्ट्रीय महामंत्री तथा दिल्ली चांदनी चौक से सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने महोत्सव की जानकारी देते हुए बताता कि वर्तमान अंतर्राष्ट्रीय परिस्थितियों में टैरिफ और वैश्विक संघर्षों के चलते विश्व में बड़े परिवर्तन आए हैं। कैट इसे भारत की सामूहिक क्षमताओं को सशक्त करने के एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखता है।
इसी क्रम में, कैट द्वारा देश भर में भारतीय व्यापार मूवमेंट शुरू किया जा रहा है जिसकी पहली और प्रमुख पहल के रूप में कैट आगामी 1 मई से 4 मई तक भारत मंडपम, प्रगति मैदान, नई दिल्ली में भारतीय व्यापार महोत्सव (BVM) 2026 का आयोजन करेगा, जो भारत का अब तक का सबसे बड़ा राष्ट्रीय व्यापार एक्सपो* होगा।पत्रकार सम्मेलन में महोत्सव को देश भर में लोकप्रिय बनाने हेतु एक वीडियो गीत भी लांच किया गया।
मीडिया को संबोधित करते हुए खंडेलवाल ने कहा कि भारतीय व्यापार महोत्सव 2026 भारतीय कॉमन मार्केट का उत्सव होगा और “वन नेशन – वन मार्केट” की भावना के तहत भारतीय व्यापार, विनिर्माण, सेवाओं एवं उद्यमिता की सामूहिक शक्ति, विविधता और एकता को प्रदर्शित करेगा तथा भारत की पुरातन संस्कृति एवं सभ्यता से व्यापार के जुड़ाव को भी प्रभावी रूप से प्रदर्शित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि बीवीएम 2026 का आयोजन पूरी तरह मेड इन इंडिया, मेड फॉर इंडिया, मेड फॉर द वर्ल्ड” की परिकल्पना के अनुरूप किया जा रहा है तथा यह भारतीय व्यापारियों, एमएसएमई, महिला एवं युवा उद्यमियाँ , निर्माताओं एवं सेवा प्रदाताओं की वास्तविक क्षमता को एक राष्ट्रीय एवं वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेगा।
भारतीय व्यापार महोत्सव 2026 में देश भर से 2,000 से अधिक प्रदर्शनी स्टॉल, 2 लाख से अधिक व्यापारी तथा लगभग 10 लाख लोगों के चार दिनों में भाग लेने का लक्ष्य तय किया गया है।महोत्सव में बड़ी मात्रा में व्यापार सौदों, साझेदारियों एवं भारतीय उत्पादों में निवेश होने की संभावना है।
इस स्वदेशी एक्सपो में एमएसएमई, महिला उद्यमी, कारीगर, स्टार्टअप्स, युवा स्टेट ऊप्स, कोआपरेटिव संस्थाएँ, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी), पारंपरिक एवं विरासत आधारित उत्पादों के प्रदर्शन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, साथ ही निर्यात विस्तार के साथ आयात प्रतिस्थापन को भी सशक्त रूप से प्रोत्साहित किया जाएगा।
यह प्रदर्शनी 24 से अधिक क्षेत्रों एवं वर्टिकल्स में फैली होगी और इसे आठ समर्पित जोनों में आयोजित किया जाएगा:
- बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) ज़ोन
- प्रदर्शनी एवं उत्पाद प्रदर्शन ज़ोन
- निवेश एवं वित्त ज़ोन
- पर्यटन, संस्कृति एवं हस्तशिल्प ज़ोन
- शिक्षा, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण ज़ोन
- टेस्ट्स ऑफ इंडिया (क्षेत्रीय खाद्य) ज़ोन
- वोमेन और यूथ
- कौशल विकास और ट्रेनिंग
बीवीएम 2026 की प्रमुख विशेषताओं में बायर-सेलर मीट्स, स्टार्टअप पिचिंग प्लेटफॉर्म, ऑन-द-स्पॉट ऋण एवं फंडिंग सहायता, निवेशक बैठकें, उत्पाद लॉन्च, निर्यात सुविधा डेस्क, बिजनेस शोकेस तथा व्यापार सुधार, ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस एवं घरेलू व्यापार को सुदृढ़ करने पर केंद्रित एक सशक्त नीति संवाद मंच शामिल होगा।
खंडेलवाल ने आगे कहा: “भारतीय कॉमन मार्केट लेन-देन और विनिमय के लिहाज से संभवतः दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है, जिसका प्रमाण हमारा विश्वस्तरीय यूपीआई डिजिटल इकोसिस्टम है। इस जीवंतता को बनाए रखना और और अधिक सशक्त करना हम सभी की जिम्मेदारी है। भारतीय व्यापार महोत्सव और इसके बाद की पहलें इसे सुनिश्चित करेंगी।”
कैट इस महोत्सव में विदेशी व्यापार प्रतिनिधिमंडलों, अंतरराष्ट्रीय व्यापार संगठनों, एनआरआई/ओसीआई, निवेशकों, वैश्विक खरीदारों एवं देश भर के चैंबर ऑफ कॉमर्स तथा ट्रेड एसोसिएशन्स को आमंत्रित करने के लिए भी सक्रिय प्रयास कर रहा है, ताकि भारत को एक विश्वसनीय एवं प्रतिस्पर्धी वैश्विक व्यापार भागीदार के रूप में स्थापित किया जा सके।
कैट ने दोहराया कि भारतीय व्यापार महोत्सव 2026 केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय मेगा व्यापार उत्सव है—जो व्यापार, संस्कृति, नवाचार एवं विरासत का समन्वय करता है और भारतीय व्यवसायों को देश के भीतर तथा वैश्विक बाजारों में विस्तार का सशक्त मंच प्रदान करता है।










