सोशल संवाद/डेस्क : देवघर स्थित द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक बाबा बैद्यनाथ धाम में बुधवार को मकर संक्रांति का पर्व पूरे श्रद्धा, उल्लास और परंपरा के साथ मनाया गया। कड़ाके की ठंड के बावजूद अहले सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मंदिर परिसर में उमड़ पड़ी। चारों ओर “बोल बम” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।

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ब्रह्ममुहूर्त में कांचा जल पूजा के साथ विशेष अनुष्ठानों की शुरुआत हुई। इसके बाद सरदार पंडा गुलाब नंद ओझा ने सरकारी पूजा विधि-विधान से संपन्न कराई। मकर संक्रांति के अवसर पर बाबा का विशेष श्रृंगार किया गया, जिसे देखने के लिए श्रद्धालु घंटों कतार में खड़े रहे।
तिल, गुड़ और खिचड़ी का विशेष भोग
मकर संक्रांति पर प्राचीन परंपरा के अनुसार बाबा बैद्यनाथ को तिल और गुड़ अर्पित किया गया। पूजा-अर्चना के उपरांत बाबा को तिल, गुड़ के साथ खिचड़ी का विशेष भोग लगाया गया। मान्यता है कि बाबा को तिल अर्पित करने के बाद ही श्रद्धालु तिल या तिल से बनी वस्तुओं का सेवन करते हैं।
इसी दिन से पूरे माघ महीने तक बाबा को तिल, खिचड़ी और दही का विशेष भोग लगाने की परंपरा शुरू हो जाती है। माघ माह में सूर्य उत्तरायण रहते हैं, ऐसे में यह भोग अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। श्रद्धालुओं के लिए यह समय विशेष फलदायी माना जाता है।










