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झारखंड शराब घोटाला: फर्जी बैंक गारंटी के सहारे 70 लाख की वसूली, ACB जांच में बड़े खुलासे

By Muskan Thakur

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सोशल संवाद/डेस्क : Jharkhand Liquor Scam को लेकर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। ताजा जांच में सामने आया है कि इस बहुचर्चित घोटाले में विनय सिंह ने फर्जी बैंक गारंटी के आधार पर करीब 70 लाख रुपये की वसूली की थी। यह रकम तत्कालीन उत्पाद सचिव विनय कुमार चौबे के निर्देश पर दी गई थी। ACB को यह अहम जानकारी आरोपी महेश शेगड़े के बयान से मिली है, जिसे औपचारिक रूप से दर्ज कर लिया गया है।

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महेश शेगड़े के बयान से खुला मनी ट्रेल

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ACB अधिकारियों के मुताबिक, महेश शेगड़े के बयान ने पूरे मामले में मनी ट्रेल और लेनदेन की कड़ियों को उजागर किया है। जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि फर्जी बैंक गारंटी का इस्तेमाल कर सरकारी प्रक्रिया को गुमराह किया गया और इसके जरिए मोटी रकम वसूली गई। अधिकारियों का कहना है कि इस बयान की प्राथमिक जांच में तथ्य सही पाए गए हैं, जिसके बाद जांच का दायरा और बढ़ा दिया गया है।

Nexgen Solution Technology खातों की जांच तेज

शराब घोटाले की जांच के दौरान Nexgen Solution Technology से जुड़े बैंक खातों पर भी ACB की नजर है। इसी क्रम में कंपनी से जुड़े राजीव कुमार झा का बयान दर्ज किया गया है। उनके बयान से यह जानकारी सामने आई है कि विनय चौबे की पत्नी स्वपना संचिता न तो किसी आधिकारिक बैठक में शामिल होती थीं और न ही कंपनी के कार्यालय में उनकी सक्रिय भूमिका नजर आई।

कंसल्टेंट नियुक्ति पर उठे गंभीर सवाल

ACB की पहले की जांच में यह तथ्य सामने आया था कि स्वपना संचिता को Nexgen Solution Technology में कंसल्टेंट के तौर पर दिखाया गया था। इसके एवज में उन्हें वर्ष 2019 से 2023 के बीच हर महीने 1.50 लाख रुपये का भुगतान किया गया। हालांकि, जांच के दौरान न तो कोई नियुक्ति पत्र प्रस्तुत किया गया और न ही इस पद के लिए किसी तरह के विज्ञापन या चयन प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराए जा सके। इससे नियुक्ति को लेकर संदेह और गहरा गया है।

दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड खंगाल रही ACB

ACB अब इस मामले में डिजिटल ट्रांजैक्शन, बैंक स्टेटमेंट और दस्तावेजी सबूतों को खंगालने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि भुगतान किन खातों से हुआ, किस माध्यम से रकम ट्रांसफर की गई और क्या इस पैसे का इस्तेमाल किसी अन्य उद्देश्य के लिए किया गया।

जांच के घेरे में आ सकते हैं और लोग

सूत्रों के मुताबिक, जैसे-जैसे Jharkhand Liquor Scam की जांच आगे बढ़ रही है, और भी नाम सामने आने की संभावना है। ACB इस पूरे नेटवर्क की परत-दर-परत जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि फर्जी बैंक गारंटी के जरिए सरकारी सिस्टम का दुरुपयोग कैसे हुआ और किन-किन लोगों को इसका सीधा या परोक्ष लाभ मिला।

आने वाले दिनों में हो सकते हैं बड़े खुलासे

ACB अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में शराब घोटाले से जुड़े और बड़े खुलासे हो सकते हैं। जांच एजेंसी का फोकस अब ठोस सबूत इकट्ठा करने पर है, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। झारखंड शराब घोटाला राज्य की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है, जिस पर पूरे राज्य की नजरें टिकी हुई हैं।

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