सोशल संवाद/डेस्क: राजधानी दिल्ली में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एचआईवी से पीड़ित एक व्यक्ति ने डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीवायरल दवाओं का 28 दिन का कोर्स कर लिया। बताया जा रहा है कि उसने एआई और मेडिकल स्टोर की सलाह पर दवा ली, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई और अब वह अस्पताल में गंभीर अवस्था में भर्ती है।

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स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बिना पर्चे के एंटीबायोटिक और एंटीवायरल दवाओं का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है, जिससे एंटीमाइक्रोबियल रेसिस्टेंस यानी एएमआर का खतरा बढ़ रहा है। इस स्थिति में दवाएं असर करना बंद कर देती हैं और सामान्य संक्रमण भी जानलेवा हो सकता है।
आंकड़ों के अनुसार, देश में बिकने वाली एंटीबायोटिक्स का बड़ा हिस्सा बिना डॉक्टर के पर्चे के ही बेचा जा रहा है, जबकि नियमों के तहत ऐसी दवाएं केवल चिकित्सकीय सलाह पर ही दी जा सकती हैं। विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि अगर इस प्रवृत्ति पर रोक नहीं लगी, तो आने वाले समय में इलाज और मुश्किल और महंगा हो सकता है।










