सोशल संवाद/डेस्क : राजधानी Ranchi में खराब और जर्जर सड़कों की समस्या को लेकर झारखंड हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। शहर के कई प्रमुख इलाकों में सड़कें टूट चुकी हैं, गड्ढों से भरी पड़ी हैं और बरसात के दौरान जलजमाव से हालात और भी बदतर हो जाते हैं। इस स्थिति को गंभीर मानते हुए अदालत ने राज्य सरकार और संबंधित विभागों से विस्तृत जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा कि नागरिकों को सुरक्षित सड़क और सुगम यातायात उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

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सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि Ranchi के कई क्षेत्रों में लोग लंबे समय से खराब सड़कों के कारण परेशान हैं। मुख्य मार्गों के साथ-साथ अंदरूनी गलियों की हालत भी बेहद खराब बताई गई। रोजाना हजारों वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को गड्ढों, टूटी सड़कों और जलभराव का सामना करना पड़ता है। इससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है और लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है।
याचिका में बताया गया कि खराब सड़क व्यवस्था के कारण कई इलाकों में ट्रैफिक जाम आम हो गया है। स्कूल जाने वाले बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और आपातकालीन सेवाओं को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसे जरूरी वाहन भी कई बार समय पर नहीं पहुंच पाते, जिससे लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कोर्ट ने इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए पूछा कि सड़क मरम्मत और निर्माण के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।
अदालत ने नगर विकास विभाग और पथ निर्माण विभाग को निर्देश दिया है कि वे सड़कों की वर्तमान स्थिति, मरम्मत योजनाओं और लंबित परियोजनाओं की पूरी जानकारी शपथ पत्र के रूप में पेश करें। साथ ही, यह भी बताया जाए कि किन क्षेत्रों में तत्काल काम शुरू किया जाएगा और उसके लिए क्या समयसीमा तय की गई है। कोर्ट ने साफ कहा कि यदि सुधार कार्यों में देरी हुई तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई पर भी विचार किया जा सकता है।
Ranchi जैसे बड़े शहर में बुनियादी ढांचे की ऐसी स्थिति पर अदालत ने चिंता जताई है। न्यायालय ने कहा कि राजधानी होने के बावजूद नागरिकों को खराब सड़कों और अव्यवस्थित यातायात का सामना करना पड़ रहा है, जो प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। कोर्ट ने सुझाव दिया कि मुख्य सड़कों के साथ-साथ कॉलोनियों और मोहल्लों की सड़कों की मरम्मत भी प्राथमिकता में शामिल की जाए, ताकि पूरे शहर में यातायात व्यवस्था सुधर सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से सड़कों की मरम्मत का काम अधूरा पड़ा है। कई परियोजनाएं शुरू तो हुईं, लेकिन समय पर पूरी नहीं हो सकीं। इससे जनता का भरोसा प्रशासन पर कम होता जा रहा है। हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद अब लोगों को उम्मीद है कि सरकार तेजी से कार्रवाई करेगी और सड़क सुधार कार्यों में तेजी आएगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, शहर के विकास के लिए मजबूत सड़क नेटवर्क बेहद जरूरी है। बेहतर सड़कें न केवल यातायात को सुगम बनाती हैं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों और निवेश को भी बढ़ावा देती हैं। यदि प्रशासन नियमित निरीक्षण और समयबद्ध रखरखाव की नीति अपनाए, तो भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचा जा सकता है।
हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद अब सबकी नजर सरकार की अगली कार्रवाई पर है। उम्मीद की जा रही है कि Ranchi की जर्जर सड़कों की समस्या को जल्द दूर करने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएंगे, ताकि आम जनता को सुरक्षित और सुविधाजनक यातायात मिल सके और शहर की छवि भी बेहतर हो सके।










