सोशल संवाद/डेस्क: Supreme Court ने बार काउंसिल चुनाव नॉमिनेशन फीस 1.25 लाख को किया मंजूर ने हाल ही में स्टेट बार काउंसिल चुनावों के नॉमिनेशन फीस विवाद में अहम फैसला सुनाया है। उच्च न्यायालयों में दायर याचिकाओं को खारिज करते हुए अदालत ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) द्वारा तय 1.25 लाख रुपये नॉमिनेशन फीस को मान्यता दी है।

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सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि चुनाव कराने के लिए खर्च आवश्यक है और इसे पूरा करने के लिए फीस लेना उचित और जरूरी है। अदालत ने कहा कि कई स्टेट बार काउंसिल की वित्तीय स्थिति कमजोर है, खासकर कम रजिस्ट्रेशन फीस के कारण। यदि चुनाव खर्च को पूरा करने के लिए यह फीस नहीं ली जाती, तो इसका बोझ उन वकीलों पर पड़ेगा जो चुनाव में हिस्सा नहीं ले रहे हैं।
फैसले का असर युवा वकीलों पर भी पड़ सकता है, जिन्होंने अभी अपना पेशा शुरू किया है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी बताया कि नॉमिनेशन फीस चुनाव की गुणवत्ता और संगठनात्मक खर्चों को संभालने के लिए जरूरी है। इसके बिना चुनाव आयोजित करना मुश्किल हो सकता है और इसकी जिम्मेदारी गैर-लड़ने वाले सदस्यों पर आ सकती है।
अदालत ने यह निर्णय लेते हुए कहा कि BCI का चुनाव लड़ने वालों से नॉमिनेशन फीस लेना न केवल उचित है, बल्कि चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और संचालन के लिए आवश्यक कदम है। इस फैसले के बाद चुनाव की तैयारी पर कोई रोक नहीं रहेगी और योग्य वकील बिना किसी बाधा के चुनाव में हिस्सा ले सकेंगे।
सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय बार काउंसिल चुनाव में वित्तीय पारदर्शिता बनाए रखने और सभी वकीलों के लिए न्यायसंगत माहौल सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।










