सोशल संवाद/बड़बिल (रिपोर्ट: संजय सिन्हा) : पुरी में आयोजित भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के 21वें त्रिदिवसीय अधिवेशन में बोलानी मजदूर संघ के सदस्यों ने भाग लिया।

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अधिवेशन के दूसरे दिन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “मैं स्वयं भी बीएमएस का कार्यकर्ता रहा हूँ और इस संगठन ने वैचारिक रूप से देश को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह मेरे लिए गौरव और सौभाग्य का विषय है।”
ओम प्रकाश अग्गी सभागार में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने श्रम शक्ति को राष्ट्र निर्माण का आधार स्तंभ बताते हुए कहा कि भारत की प्रगति का वास्तविक आधार संगठित, प्रशिक्षित और जागरूक श्रमिक वर्ग है।
उन्होंने भारतीय मजदूर संघ की राष्ट्रवादी श्रम-दृष्टि की सराहना करते हुए कहा कि बीएमएस ने सदैव मजदूर हितों के साथ-साथ राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा है। संगठन ने श्रमिकों को वैचारिक रूप से मजबूत किया है और उनमें राष्ट्रीयता की भावना जागृत की है।
श्री प्रधान ने बदलते औद्योगिक, तकनीकी और आर्थिक परिदृश्य में श्रमिकों के कौशल उन्नयन, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक कार्य वातावरण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के निर्माण में श्रमिकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। श्रम शक्ति को मजबूत किए बिना अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना संभव नहीं है। उन्होंने श्रम शक्ति की भागीदारी को 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ तक ले जाने की आवश्यकता बताई तथा स्किल और री-स्किलिंग पर जोर दिया। श्रम कानूनों के साथ मजबूती से खड़े रहने पर उन्होंने भारतीय मजदूर संघ की सराहना भी की।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकारिणी सदस्य बी. भागैया, भारतीय मजदूर संघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष हिरण्मय पांड्या, अखिल भारतीय महामंत्री रविंद्र हिमते सहित ओडिशा के विभिन्न स्थानों से आए प्रतिनिधि उपस्थित थे। बोलानी मजदूर संघ की ओर से नरेश कुमार सिंह, के. शिवा प्रसाद, मनोज कुमार सिंह, रूपक दास, जगत तुरी, जगबंधु आपट सहित कई सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मलेशम ने किया।










