---Advertisement---

CTET परीक्षा में महिलाओं से मांगलसूत्र उतारने का विवाद: जानें पूरा मामला

By Riya Kumari

Published :

Follow
CTET

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद / डेस्क : महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर (Ahilyanagar) में आयोजित केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) 2026 के दौरान एक ऐसा विवाद सामने आया है जिसने सोशल मीडिया और राजनीतिक मंचों पर ध्यान ख़ींचा है। कई महिला परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले अपने मंगलसूत्र और अन्य आभूषण उतारने के लिए कहा गया, जिससे उनके बीच भारी असहजता और नाराज़गी पैदा हो गई।

यह भी पढे : मानगो नगर निगम चुनाव: मरीना सिटी बैठक में एनडीए ने बूथ प्रबंधन और फर्जी मतदान रोकने का लिया संकल्प

परीक्षा केंद्र पर क्या हुआ?

CTET परीक्षा के कई केंद्रों पर लौह या धातु आधारित वस्तुएँ न ले जाने का नियम लगाया गया था, जिसके तहत गले में पहना गया मंगलसूत्र, कान और नाक के आभूषण भी हटाने को कहा गया। कुछ महिला परीक्षार्थियों ने बताया कि उन्हें पहले कभी भी जीवन में मंगलसूत्र उतारने के लिए नहीं कहा गया, और इसे एक संस्कृतिक रूप से असंवेदनशील कार्रवाई बताया।

परीक्षा केंद्र पर मौजूद कई परीक्षार्थी इससे पहले सूचना नहीं दिए जाने का भी आरोप लगा रहे हैं। कई के परिजन भी उनके साथ मौजूद थे और उन्हें अनुमान नहीं था कि परीक्षा के लिए आभूषण उतारना पड़ेगा।

शिकायतों के बाद सरकार ने किया खुलासा

मामला सामने आने के बाद महाराष्ट्र सरकार ने जांच के संकेत दिए हैं और कहा कि यह पूरी घटना जांच के दायरे में लाई जाएगी। सरकार का कहना है कि नियमों का उद्देश्य केवल धांधली रोकना था, लेकिन जिस तरह से परीक्षा केंद्र पर इसे लागू किया गया, उससे कई महिलाओं को मानसिक असुविधा हुई।

राजनैतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया

विपक्षी नेताओं ने इस घटना को महिलाओं के प्रति सम्मान का उल्लंघन बताया है और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। कुछ नेताओं ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था को सांस्कृतिक संवेदनशीलता के साथ अपनाया जाना चाहिए, ताकि ऐसे विवाद और असहमति न खड़ी हो।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

शिक्षा और परीक्षा सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा केंद्रों पर धांधली रोकने के लिए कठोर सिक्योरिटी जरूरी है, लेकिन नियमों को लागू करने में संवेदनशीलता और पूर्व सूचना दोनों का ध्यान रखना चाहिए। इससे परीक्षार्थियों को मानसिक दबाव से बचाया जा सकता है और परीक्षा का माहौल शांतिपूर्ण रहेगा।

इस विवाद ने एक बार फिर से यह सवाल उठाया है कि परीक्षा सुरक्षा नियम कितने प्रभावी और संवेदनशील तरीके से लागू किए जा रहे हैं।
CTET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी और सम्मानजनक बनाना आवश्यक है ताकि किसी भी परीक्षार्थी को असुविधा या अपमान महसूस न हो।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---