सोशल संवाद/डेस्क : मणिपुर में एक बार फिर हिंसा ने गंभीर रूप ले लिया है, जिससे राज्य में डर और तनाव का माहौल बन गया है। उखरुल जिले के लिटान गांव में अंधाधुंध फायरिंग और आगजनी की घटनाओं ने स्थानीय लोगों को दहशत में डाल दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हथियारबंद समूहों ने देर रात कई राउंड गोलियां चलाईं और करीब 30 से ज्यादा घरों को आग के हवाले कर दिया। आगजनी के बाद कई परिवारों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करना पड़ा।

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घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गोलीबारी की आवाज सुनकर ग्रामीणों ने अपने जरूरी सामान समेटे और पड़ोसी गांवों की ओर भागना शुरू कर दिया। कई परिवारों ने कांगपोकपी जिले की ओर शरण ली। स्थानीय लोगों का कहना है कि हालात अचानक बिगड़ गए, जिससे उन्हें अपनी जान बचाने के लिए घर छोड़ना पड़ा।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रभावित इलाकों में कर्फ्यू लागू कर दिया गया है और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। सरकार ने अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं को रोकने के लिए इंटरनेट सेवाएं पांच दिनों के लिए बंद करने का फैसला लिया है। अधिकारियों का मानना है कि सोशल मीडिया के जरिए गलत खबरें फैलने से तनाव और बढ़ सकता है, इसलिए यह कदम उठाया गया है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, हिंसा की शुरुआत कुछ दिन पहले हुए विवाद से जुड़ी बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि एक स्थानीय व्यक्ति के साथ कथित मारपीट की घटना के बाद दोनों समुदायों के बीच तनाव बढ़ गया था। हालांकि बातचीत के जरिए मामला सुलझाने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन बैठक नहीं हो सकी और हालात अचानक बिगड़ गए। इसके बाद हथियारधारी समूहों ने गांव में हमला कर दिया, जिससे हिंसा भड़क उठी।
हिंसा के दौरान कई घर जलकर खाक हो गए और लोगों की संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है। सुरक्षा एजेंसियां इलाके में लगातार गश्त कर रही हैं और हालात पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च भी किया है, ताकि लोगों में भरोसा कायम किया जा सके।
सरकार ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही प्रभावित परिवारों को राहत और पुनर्वास सहायता देने की भी तैयारी की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मणिपुर में बार-बार होने वाली ऐसी घटनाएं राज्य की सामाजिक और आर्थिक स्थिति पर असर डालती हैं। पर्यटन, व्यापार और आम जनजीवन प्रभावित होता है। ऐसे में स्थायी शांति के लिए प्रशासन और स्थानीय समुदायों के बीच संवाद और विश्वास बेहद जरूरी है।
फिलहाल इलाके में तनाव बना हुआ है, लेकिन सुरक्षा बलों की मौजूदगी से स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में आने की उम्मीद जताई जा रही है। प्रशासन लगातार हालात की समीक्षा कर रहा है और लोगों से संयम बरतने की अपील कर रहा है। आने वाले दिनों में स्थिति किस दिशा में जाती है, इस पर पूरे देश की नजर बनी हुई है।










