सोशल संवाद / डेस्क : वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण तेल और गैस की सप्लाई पर असर पड़ रहा है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। इसका असर भारत में भी एलपीजी सिलेंडर की कीमत और उपलब्धता पर पड़ सकता है। ऐसे में कई लोग गैस के विकल्प के रूप में इंडक्शन चूल्हा और अन्य इलेक्ट्रिक किचन उपकरण अपनाने के बारे में सोच रहे हैं।

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लेकिन सवाल यह है कि गैस सिलेंडर सस्ता पड़ता है या इंडक्शन पर खाना बनाना? आइए जानते हैं किचन में इस्तेमाल होने वाले प्रमुख इलेक्ट्रिक उपकरणों के बिजली खर्च के बारे में।
इंडक्शन चूल्हा चलाने का खर्च
इंडक्शन कुकटॉप आमतौर पर 1200 से 2000 वॉट बिजली की खपत करता है। यदि रोजाना लगभग 1–2 घंटे इसका उपयोग किया जाए तो महीने में करीब 60–120 यूनिट बिजली खर्च हो सकती है। बिजली की दर के हिसाब से इसका मासिक खर्च लगभग ₹400 से ₹900 तक हो सकता है।
इलेक्ट्रिक राइस कुकर
राइस कुकर आमतौर पर 400 से 700 वॉट बिजली इस्तेमाल करता है। अगर रोजाना एक बार चावल पकाया जाए तो महीने में करीब 15–25 यूनिट बिजली खर्च हो सकती है। इसका अनुमानित खर्च लगभग ₹100 से ₹200 के बीच आ सकता है।
इलेक्ट्रिक केटल
इलेक्ट्रिक केटल की क्षमता आमतौर पर 1200–1500 वॉट होती है, लेकिन इसे कम समय के लिए इस्तेमाल किया जाता है। रोजाना 10–15 मिनट इस्तेमाल करने पर इसका मासिक खर्च लगभग ₹80 से ₹150 के बीच हो सकता है।
माइक्रोवेव और ओवन
माइक्रोवेव या ओवन 800 से 1500 वॉट बिजली का उपयोग करते हैं। इनका खर्च इस बात पर निर्भर करता है कि इन्हें कितनी बार और कितनी देर तक इस्तेमाल किया जाता है। औसतन महीने में ₹200 से ₹500 तक बिजली बिल बढ़ सकता है।
गैस सिलेंडर बनाम इंडक्शन
अगर एक परिवार महीने में एक एलपीजी सिलेंडर इस्तेमाल करता है, जिसकी कीमत करीब ₹900 से ₹1100 के आसपास होती है, तो कई मामलों में इंडक्शन और अन्य इलेक्ट्रिक उपकरणों का संयुक्त खर्च इससे कम भी पड़ सकता है। हालांकि यह पूरी तरह उपयोग की मात्रा और बिजली दर पर निर्भर करता है।
क्या है बेहतर विकल्प?
विशेषज्ञों का मानना है कि गैस और इलेक्ट्रिक उपकरणों का मिश्रित उपयोग सबसे व्यावहारिक विकल्प हो सकता है। इससे न केवल खर्च नियंत्रित रहता है बल्कि ऊर्जा स्रोतों का बेहतर संतुलन भी बना रहता है।
वैश्विक परिस्थितियों के कारण गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव संभव है। ऐसे में इंडक्शन और अन्य इलेक्ट्रिक किचन उपकरण एक अच्छा विकल्प बन सकते हैं, लेकिन इनका इस्तेमाल करने से पहले बिजली खर्च का सही अनुमान लगाना जरूरी है।









