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साकची में पथरी ऑपरेशन के बाद मरीज की मौत, लापरवाही के आरोप पर अस्पताल में हंगामा

By Muskan Thakur

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सोशल संवाद/डेस्क : झारखंड के औद्योगिक शहर Jamshedpur में एक निजी अस्पताल में पथरी के ऑपरेशन के बाद मरीज की मौत का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया और डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाया। मामला शहर के Sakchi इलाके में स्थित एक निजी अस्पताल का है।

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मृतक की पहचान पोटका प्रखंड के आसनबनी क्षेत्र निवासी 50 वर्षीय पोरेस भगत के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वे किडनी स्टोन की समस्या से परेशान थे और इलाज के लिए साकची के न्यू बाराद्वारी स्थित Nephro‑Urology and Stone Center में भर्ती हुए थे।

आयुष्मान योजना के तहत कराया गया था ऑपरेशन

परिजनों के अनुसार पोरेस भगत को 12 मार्च को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनका इलाज Ayushman Bharat योजना के तहत चल रहा था। अगले दिन यानी शुक्रवार को उनका पथरी का ऑपरेशन किया गया, जो करीब ढाई घंटे तक चला। परिजनों का कहना है कि शुरुआत में ऑपरेशन सफल बताया गया था, लेकिन अगले दिन अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। शनिवार दोपहर खाना खाने के बाद उनके पेट में सूजन आने लगी और सांस लेने में परेशानी होने लगी।

डॉक्टरों से रेफर करने की गुहार

मृतक के परिजनों का आरोप है कि मरीज की हालत बिगड़ने पर उन्होंने डॉक्टरों को कई बार इसकी जानकारी दी। परिवार वालों ने उन्हें किसी बड़े अस्पताल में रेफर करने की भी मांग की, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने भरोसा दिलाया कि मरीज की स्थिति जल्द सामान्य हो जाएगी। परिजनों का कहना है कि समय रहते सही इलाज या रेफरल मिल जाता तो शायद पोरेस भगत की जान बच सकती थी। इसी वजह से उन्होंने डॉक्टरों पर इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।

देर रात मौत, सुबह दी गई जानकारी

परिवार का यह भी आरोप है कि मरीज की मौत रात करीब 12 बजे ही हो चुकी थी, लेकिन अस्पताल की ओर से इसकी जानकारी तुरंत नहीं दी गई। उनका कहना है कि अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें मरीज से मिलने भी नहीं दिया।

आरोप है कि करीब तीन बजे रात में अस्पताल की ओर से मौत की सूचना दी गई और इसके बाद जल्द से जल्द शव ले जाने के लिए दबाव बनाया जाने लगा। इस बात से नाराज परिजन और ग्रामीण सुबह होते ही बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

घर के इकलौते कमाने वाले थे पोरेस

पोरेस भगत परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे। वे Adityapur की एक कंपनी में ठेका मजदूर के रूप में काम करते थे। उनके परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटा और एक बेटी है। बेटा फिलहाल Dhanbad में माइनिंग इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है। अचानक हुई इस घटना से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का कहना है कि घर के मुखिया के जाने से परिवार की आर्थिक स्थिति पर भी गंभीर असर पड़ेगा।

पुलिस और आईएमए की मौजूदगी में बातचीत

घटना की सूचना मिलते ही Sitaramdera Police Station की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आक्रोशित लोगों को शांत कराने की कोशिश की। फिलहाल अस्पताल प्रबंधन, पुलिस प्रशासन और Indian Medical Association (आईएमए) के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में मामले को लेकर बातचीत जारी है।

सूत्रों के मुताबिक परिजन उचित जांच और मुआवजे की मांग कर रहे हैं। वहीं प्रशासन की कोशिश है कि बातचीत के जरिए मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जाए। यह घटना एक बार फिर निजी अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच के बाद इस मामले में क्या कार्रवाई होती है।

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