सोशल संवाद / डेस्क : Jharkhand में शैक्षणिक संस्थानों को तंबाकू मुक्त बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। अब राज्य के सभी विश्वविद्यालय और कॉलेजों में सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।

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VC और प्रिंसिपल की होगी जवाबदेही
नई व्यवस्था के तहत विश्वविद्यालयों के कुलपति (VC) और कॉलेजों के प्राचार्य (Principal) को सीधे तौर पर जिम्मेदार बनाया गया है। अगर परिसर में तंबाकू का उपयोग पाया जाता है, तो इसकी जवाबदेही संस्थान प्रमुखों पर होगी।
कानून के तहत लागू होगा नियम
यह फैसला झारखंड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक 2026 के तहत लिया गया है। इसका उद्देश्य कैंपस को पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित बनाना है, ताकि छात्र-छात्राओं को तंबाकू की लत से दूर रखा जा सके।
छात्रों के स्वास्थ्य पर फोकस
सरकार का मानना है कि युवाओं में बढ़ते तंबाकू सेवन को रोकने के लिए स्कूल और कॉलेज सबसे अहम भूमिका निभा सकते हैं। पहले भी राज्य में कई स्कूलों को तंबाकू मुक्त घोषित किया जा चुका है और अब इसे उच्च शिक्षा संस्थानों तक विस्तार दिया जा रहा है।
क्या होंगे मुख्य नियम?
- कैंपस में तंबाकू उत्पादों का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित
- संस्थान के आसपास भी बिक्री पर रोक
- नियमों का उल्लंघन होने पर कार्रवाई संभव
झारखंड सरकार का यह कदम युवाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। VC और प्रिंसिपल की जिम्मेदारी तय होने से अब इस नियम का सख्ती से पालन होने की उम्मीद है।









