सोशल संवाद / डेस्क : Russia – Ukraine युद्ध के बीच एक बार फिर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। जहां एक तरफ ईरान से जुड़ा वैश्विक तनाव थोड़ा कम होता दिख रहा है, वहीं दूसरी ओर यूक्रेन ने रूस पर बड़ा हमला कर हालात को फिर गरमा दिया है।

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Russia के बड़े ऑयल पोर्ट पर यूक्रेन का हमला
हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूक्रेन ने रूस के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र प्रिमोर्स्क पोर्ट पर ड्रोन हमला किया।
- इस हमले में तेल टैंकों और स्टोरेज फैसिलिटी को नुकसान पहुंचा
- पोर्ट पर आग लगने की भी खबर सामने आई
- यह पोर्ट रूस के सबसे बड़े ऑयल एक्सपोर्ट हब में से एक है
तेल सप्लाई पर पड़ा असर
हमले के बाद:
- प्रिमोर्स्क पोर्ट पर ऑयल लोडिंग अस्थायी रूप से बंद करनी पड़ी
- रूस के निर्यात सिस्टम पर असर पड़ा
- वैश्विक तेल बाजार में भी हलचल देखने को मिली
यूक्रेन की रणनीति क्या है?
विशेषज्ञों के अनुसार, यूक्रेन लगातार रूस के ऊर्जा ढांचे (Energy Infrastructure) को निशाना बना रहा है।
इसका मकसद:
- रूस की आर्थिक ताकत कमजोर करना
- युद्ध के लिए मिलने वाली फंडिंग को प्रभावित करना
- अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ाना

ड्रोन हमलों में तेजी
हाल के दिनों में यूक्रेन ने रूस पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए हैं:
- सैकड़ों ड्रोन एक साथ लॉन्च किए गए
- कई ऑयल डिपो और पोर्ट को निशाना बनाया गया
- यह युद्ध की नई रणनीति बनती जा रही है
ईरान तनाव के बीच नया मोर्चा
रिपोर्ट्स के अनुसार, मध्य-पूर्व (ईरान) से जुड़े तनाव के कारण पहले ही वैश्विक हालात संवेदनशील हैं। ऐसे में रूस पर इस तरह के हमले से अंतरराष्ट्रीय स्थिति और जटिल हो सकती है।
ईरान से जुड़ा तनाव भले कुछ कम होता दिख रहा हो, लेकिन रूस-यूक्रेन युद्ध में नए हमलों ने स्थिति को फिर गंभीर बना दिया है। प्रिमोर्स्क पोर्ट पर हमला रूस की अर्थव्यवस्था पर सीधा असर डाल सकता है और आने वाले दिनों में इसका वैश्विक प्रभाव भी देखने को मिल सकता है।










