सोशल संवाद/डेस्क: राजधानी रांची में स्वास्थ्य सेवाओं को एक नई मजबूती मिली है। भगवान महावीर मणिपाल हॉस्पिटल ने अपने अत्याधुनिक और उन्नत इमरजेंसी विभाग की शुरुआत कर दी है, जिससे अब गंभीर मरीजों को गोल्डन आवर के दौरान तेजी से और प्रभावी इलाज मिल सकेगा। यह नई व्यवस्था उन मरीजों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी, जिन्हें तुरंत चिकित्सा सहायता की जरूरत होती है।

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उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद राज्य के स्वास्थ्य मंत्री Dr. Irfan Ansari ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं सिर्फ इलाज तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसमें सेवा भावना भी झलकनी चाहिए, ताकि गरीब और वंचित वर्ग को इसका सीधा लाभ मिल सके। उन्होंने अपने संबोधन में स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार के प्रयासों का जिक्र करते हुए एक सख्त संदेश भी दिया।
मंत्री ने स्पष्ट कहा कि अगर किसी मरीज की मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिजनों से बिल वसूलना अमानवीय है और ऐसे मामलों में अस्पतालों को बिल माफ करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यह सिर्फ अपील नहीं, बल्कि एक निर्देश है, जिसका सख्ती से पालन किया जाना चाहिए।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, नए इमरजेंसी विभाग को आधुनिक तकनीक और प्रोटोकॉल आधारित इलाज व्यवस्था के तहत तैयार किया गया है। इसमें 10 समर्पित इमरजेंसी बेड, उन्नत मरीज प्रबंधन प्रणाली और बेड पर ही जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे मरीजों को बार-बार इधर-उधर ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और इलाज की प्रक्रिया तेजी से पूरी हो सकेगी। यह विभाग 24 घंटे विशेषज्ञ डॉक्टरों और प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ की टीम द्वारा संचालित किया जाएगा।
इसके साथ ही अस्पताल ने “हर घर इमरजेंसी रेडी” पहल की भी शुरुआत की है, जिसके तहत आम लोगों को आपात स्थिति में प्राथमिक उपचार और जीवन रक्षक उपायों की जानकारी दी जाएगी। इमरजेंसी विभाग के प्रमुख डॉ. रोहित कुमार सेंगर ने कहा कि उनका लक्ष्य है कि मरीज के अस्पताल पहुंचते ही बिना किसी देरी के उपचार शुरू हो जाए।
वहीं हॉस्पिटल निदेशक आबिद तौकीर ने इसे झारखंड में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस नई सुविधा से मरीजों को तेज रिस्पांस, बेहतर इलाज और अधिक सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।









