सोशल संवाद/डेस्क: नयी शिक्षा नीति और बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत झारखंड सरकार ने ड्रॉपआउट की समस्या से निपटने के लिए स्कूल रूआर 2026 (Back to School Campaign) शुरू किया है. 9 से 30 अप्रैल 2026 तक चलने वाले 21 दिवसीय अभियान का असल फोकस स्कूलों में है, जहां शिक्षक, माता समिति, विद्यालय प्रबंधन समिति और बाल संसद मिलकर अनामांकित व छोड़ दिये गये बच्चों को वापस लाने के साथ ही उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने का प्रयास किया जायेगा. इसे लेकर स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने सभी जिले के जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र लिख कर तैयारी शुरू करने को कहा है.

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इसमें स्कूल स्तर पर 15 से 30 अप्रैल तक गतिविधियां चलेंगी. अभियान की शुरुआत में आंगनबाड़ी से 5 साल से अधिक आयु के बच्चों की सूची बनाकर प्राथमिक स्कूल में नामांकन तय किया जायेगा. स्कूलों में पांचवीं से छठी, आठवीं से नौवीं और 10 वीं से 11वीं में ट्रांजिशन सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों की मैपिंग की जा रही है. ड्रॉपआउट बच्चों की टोला-वार सूची तैयार कर हाउस कैप्टन की अगुवाई में उनके माता-पिता से घर-घर संपर्क किया जायेगा.









