सोशल संवाद / डेस्क : जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों एवं योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने निर्देश दिया कि विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति 85% से अधिक सुनिश्चित करना अनिवार्य है। “रूआर–Back to School” अभियान के तहत स्कूल आने वाले बच्चों का फूल देकर सम्मान किया जाएगा, ताकि उनमें विद्यालय के प्रति सकारात्मक वातावरण विकसित हो।

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उपायुक्त ने निर्देश दिया कि विद्यालयों में नियमित टेस्ट सीरीज का आयोजन किया जाए तथा स्मार्ट बोर्ड के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण कक्षाएं संचालित की जाएं। साथ ही B.Ed. अभ्यर्थियों को विद्यालयों में इंटर्नशिप कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। “बात तो करनी होगी” पहल के अंतर्गत मासिक धर्म, बाल विवाह, पोक्सो एक्ट एवं यौन उत्पीड़न जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सप्ताह में एक दिन बच्चों के साथ संवाद किया जाएगा, जिससे उनमें जागरूकता बढ़ सके।
इसके अतिरिक्त विद्यालयों में स्टूडेंट हेल्प ग्रुप का गठन करने, संचालित क्लबों को सक्रिय करने तथा बच्चियों को आत्मरक्षा (सेल्फ डिफेंस) का प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया गया। “आज क्या सीखे” कार्यक्रम के तहत बच्चों को प्रतिदिन अपनी माताओं से बातचीत करने तथा अभिभावकों द्वारा छोटे-छोटे वीडियो बनाकर संबंधित समूह में साझा करगे।
उपायुक्त ने विद्यालयों में स्मार्ट बोर्ड को पूर्ण रूप से क्रियाशील रखने तथा बच्चों एवं शिक्षकों के साथ नियमित “बाल संवाद” आयोजित करने का भी निर्देश दिया, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार सुनिश्चित किया जा सके । बैठक में मुख्य रूप से जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी सहित अन्य मुख्य रूप से उपस्थित रहे।










