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जेटेट नियमावली मंजूर; पर भोजपुरी, मगही, अंगिका क्षेत्रीय भाषा में नहीं

By Riya Kumari

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जेटेट नियमावली मंजूर; पर भोजपुरी, मगही, अंगिका क्षेत्रीय भाषा में नहीं
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सोशल संवाद / रांची : झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) में भोजपुरी, अंगिका और मगही को क्षेत्रीय भाषा के रूप में मंजूरी नहीं मिली। कैबिनेट ने मंगलवार को बिना इन भाषा को शामिल किए ही जेटेट नियमावली-2026 को मंजूरी दे दी। कैबिनेट की 15 अप्रैल को हुई बैठक में भी नियमावली पर घटनोत्तर स्वीकृति का प्रस्ताव आया था, लेकिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विस्तृत चर्चा के बाद इसे अगली बैठक में लाने की बात कही थी।

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मंगलवार को बैठक में ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने प्र मुद्दे को उठाया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए मंत्रियों की एक समिति गठित की जाएगी, जो 10 दिन में रिपोर्ट देगी। बैठक में कुल 15 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

पहले की बैठक में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह के साथ ही वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने भी इन भाषाओं को क्षेत्रीय भाषा की सूची में शामिल न किए जाने पर आपत्ति जताई थी। राधाकृष्ण ने कहा था कि राज्य के 11 जिलों में भोजपुरी, मगही और अंगिका बोली जारी है।

इन भाषाओं को क्षेत्रीय भाषा में शामिल न करने से लोगों में आक्रोश है। जेटेट को भाषाई विवाद में डालना उचित नहीं है। जो भाषाएं राज्य में बोली जाती हैं, उसे रखा जाना चाहिए। वित मंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह से पश्चिम बंगाल से सटे जिलों में बांग्ला और ओडिशा से सटे जिले में उड़िया को शामिल सटे जिलों में बोली जाने वाली किया गया है, उसी तरह बिहार से भोजपुरी, मगही और अंगिका को शामिल किया जाना चाहिए।

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