सोशल संवाद/रांची : विधानसभा में बजट सत्र के 11वें दिन मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने प्रश्नकाल के दौरान सदन को बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य सरकार मुख्यमंत्री अबुआ आवास योजना पर 4400 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

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उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री आवास की राशि नहीं मिलने के चलते अबुआ आवास के लिए सर्वाधिक आवेदन आ रहे हैं। अब तक अबुआ आवास के लिए करीब 22 लाख आवेदन आ चुके हैं, जिसकी समीक्षा के बाद इनमें से 16 लाख आवेदन स्वीकृत भी हो चुके हैं।
करीब 6 लाख अबुआ आवास योजना पर चल रहा काम
राज्य में करीब छह लाख अबुआ आवास का काम चल रहा है। प्रत्येक अबुआ आवास के लिए राज्य सरकार दो लाख रुपये प्रति यूनिट खर्च करती है। अबुआ आवास के नाम पर अयोग्य लाभुकों का भी आवेदन आ रहा था, जिसका सर्वे कराया गया और अयोग्य आवेदनों को अस्वीकृत किया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि संताल परगना में विभिन्न तरह के आवास जैसे पीएम आवास, अबुआ आवास, अंबेदकर आवास आदि पर काम चल रहा है। उन क्षेत्रों में करीब साढ़े सात लाख आवास निर्माण पर काम चल रहा है।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने लिट्टीपाड़ा से झामुमो के विधायक हेमलाल मुर्मू के अल्पसूचित प्रश्न के जवाब में यह बातें कहीं। विधायक हेमलाल मुर्मू ने सवाल उठाया था कि क्या प्रधानमंत्री आवास योजना की तुलना में मुख्यमंत्री अबुआ आवास की मांग अधिक है। उन्होंने सताल परगना क्षेत्र में वास्तविक लाभुकों को ग्रामीण आवास शत-प्रतिशत उपलब्ध कराने व प्रधानमंत्री आवास योजना में वृद्धि की मांग की थी।









