सोशल संवाद/रांची : सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को झारखंड के पारा शिक्षकों को बड़ी राहत दी। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि सहायक शिक्षक और सहायक आचार्य के 50 प्रतिशत आरक्षित पदों पर केवल पारा शिक्षकों से आवेदन लेकर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाए। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को हर शैक्षणिक सत्र में पारा शिक्षकों के लिए आरक्षित 50 प्रतिशत रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया चलाने का निर्देश दिया है।

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सुप्रीम कोर्ट ने तय की समय सीमा
सुप्रीम कोर्ट ने रिक्तियों की पहचान, विज्ञापन जारी करने, मेधा सूची तैयार करने और नियुक्ति पत्र देने की समय-सीमा भी तय की है। कोर्ट ने वर्तमान शैक्षणिक सत्र के लिए 4 हफ्ते के भीतर रिक्तियों का निर्धारण और विज्ञापन जारी होने के 10 हफ्ते के अंदर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया। यह भी स्पष्ट किया कि पारा शिक्षकों का नियमितीकरण स्वत: नहीं होगा, पर उन्हें मौजूदा नियमों के तहत नियुक्ति प्रक्रिया में भाग लेने का अधिकार है।
खंडपीठ ने सर्व शिक्षा अभियान के तहत कार्यरत पारा शिक्षकों की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया। झारखंड प्राथमिक विद्यालय शिक्षक नियुक्ति नियमावली, 2012 व झारखंड प्रारंभिक विद्यालय सहायक आचार्य संवर्ग नियमावली, 2022 के तहत बनी भर्ती व्यवस्था को नियमित रूप से लागू करने को भी कहा। गौरतलब है कि याचिकाकर्ताओं को झारखंड हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली थी।









