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“फूलो झानो आशीर्वाद अभियान” से बदली आशा कुई की जिंदगी, हड़िया बेचने से आत्मनिर्भर बनने तक का सफर

By Riya Kumari

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“फूलो झानो आशीर्वाद अभियान” से बदली आशा कुई की जिंदगी, हड़िया बेचने से आत्मनिर्भर बनने तक का सफर
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सोशल संवाद / डेस्क : Jharkhand State Livelihood Promotion Society द्वारा संचालित “फूलो झानो आशीर्वाद अभियान” झारखंड की ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव ला रहा है। इस अभियान के जरिए महिलाओं को असुरक्षित और अस्थिर आजीविका से निकालकर सम्मानजनक रोजगार और आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ाया जा रहा है।

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पश्चिमी सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर प्रखंड स्थित कल्लैया गांव की रहने वाली आशा कुई की कहानी इस अभियान की सफलता का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है।

हड़िया बेचकर चलाती थीं घर

आशा कुई पहले अपनी आजीविका के लिए हड़िया बेचने पर निर्भर थीं। इस काम से उन्हें अनिश्चित आय होती थी और सामाजिक असुरक्षा का भी सामना करना पड़ता था। आर्थिक परेशानियों के कारण परिवार की स्थिति भी कमजोर बनी हुई थी।

स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद बदली जिंदगी

वर्ष 2025 में आशा कुई स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ीं। समूह से जुड़ने के बाद उनमें आत्मविश्वास और जागरूकता बढ़ी। इसी दौरान उन्हें “फूलो झानो आशीर्वाद अभियान” के तहत ₹20,000 की वित्तीय सहायता मिली।

उन्होंने इस राशि का उपयोग योजनाबद्ध तरीके से किया। आशा कुई ने ₹10,500 में सिलाई मशीन खरीदी और बाकी राशि से बत्तख एवं मुर्गी पालन शुरू किया। इसके अलावा उन्हें मंईयां सम्मान योजना और SHG के माध्यम से अतिरिक्त ऋण सहयोग भी मिला, जिसका उपयोग उन्होंने अपने पति के इलाज और खेती में निवेश के लिए किया।

अब कई स्रोतों से हो रही नियमित आय

संस्थागत मार्गदर्शन और लगातार मेहनत के चलते आशा कुई ने अपनी आजीविका के कई नए साधन विकसित किए। वर्तमान में वे:

  • सिलाई कार्य
  • बत्तख पालन
  • मुर्गी पालन
  • सब्जी विक्रय

के माध्यम से नियमित और स्थिर आय अर्जित कर रही हैं।

सबसे बड़ी बात यह है कि उन्होंने हड़िया बेचने का काम पूरी तरह बंद कर दिया है और अब सम्मानजनक जीवन जी रही हैं।

गांव की दूसरी महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा

आज आशा कुई आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। उनकी आय में स्थिरता आई है और जीवन स्तर में भी सुधार हुआ है। उनकी सफलता से प्रेरित होकर गांव की अन्य महिलाएं भी स्वयं सहायता समूहों से जुड़ रही हैं और नए रोजगार के अवसर तलाश रही हैं।

महिलाओं के सशक्तिकरण की मजबूत पहल

जिला प्रशासन के अनुसार “फूलो झानो आशीर्वाद अभियान” महिलाओं को असुरक्षित और गैर-सम्मानजनक कार्यों से मुक्त कर स्थायी एवं सम्मानजनक आजीविका से जोड़ने की दिशा में एक प्रभावी पहल साबित हो रहा है।

प्रशासन ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को:

  • वित्तीय सहायता
  • प्रशिक्षण
  • बाज़ार से जोड़ने की सुविधा

प्रदान की जा रही है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।

आशा कुई की प्रेरक कहानी यह साबित करती है कि सही मार्गदर्शन, संस्थागत सहयोग और मजबूत इच्छाशक्ति के साथ महिलाएं अपने जीवन की दिशा बदल सकती हैं।

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