सोशल संवाद / डेस्क : रायपुर से सांसद Brijmohan Agrawal ने कहा है कि लोकतांत्रिक फैसलों का मजाक उड़ाकर देश में अशांति फैलाने की कोशिश करने वालों को भारत की जनता “विकसित भारत” के संकल्प से जवाब देगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देश वर्ष 2047 तक आत्मनिर्भर, समृद्ध और विश्वगुरु बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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दिल्ली स्थित Prime Ministers Museum and Library में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पत्रकार अतुल सिंघल की तीन पुस्तकों ‘12 नवंबर 1996: चरखी दादरी विमान हादसा’, ‘जीवन चलने का नाम’ और ‘विकसित भारत 2047’ का विमोचन किया गया। इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
‘विकसित भारत’ के संकल्प पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि विकसित भारत का सपना केवल सरकार का नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों का सामूहिक संकल्प है। उन्होंने कहा कि ऐसा भारत बनाया जा रहा है जहां गरीबों को सम्मानजनक जीवन मिले और युवाओं, व्यापारियों, किसानों तथा उद्योगपतियों के लिए नए अवसर तैयार हों।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को फिर से “सोने की चिड़िया” और “विश्वगुरु” बनाने के लिए समाज के हर वर्ग का सहयोग मिल रहा है। छात्र, मजदूर, व्यापारी और उद्यमी अपने सुझावों और सहभागिता से इस अभियान को मजबूत कर रहे हैं।
RSS स्वयंसेवकों की सेवा भावना पर आधारित पुस्तक का विमोचन
कार्यक्रम में विमोचित पुस्तक ‘12 नवंबर 1996: चरखी दादरी विमान हादसा’ में हादसे के दौरान Rashtriya Swayamsevak Sangh के स्वयंसेवकों द्वारा किए गए राहत एवं सेवा कार्यों का विस्तृत उल्लेख किया गया है। वहीं ‘जीवन चलने का नाम’ पुस्तक प्रो. सुरेश चंद सिंघल के जीवन संघर्ष और प्रेरणादायी यात्रा पर आधारित है।
‘नमो इम्पैक्ट राष्ट्र शिल्पी सम्मान’ से सम्मानित हुए सहयोगी
समारोह के दौरान ‘विकसित भारत 2047’ पुस्तक से जुड़े सहयोगियों और योगदानकर्ताओं को “नमो इम्पैक्ट राष्ट्र शिल्पी सम्मान” से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में Jagdish Mukhi और Naresh Bansal समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
विकसित भारत 2047 क्यों है खास?
‘विकसित भारत 2047’ अभियान का उद्देश्य देश को आर्थिक, सामाजिक, तकनीकी और सांस्कृतिक रूप से मजबूत बनाना है। इस विजन में डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, शिक्षा सुधार और रोजगार सृजन जैसे कई महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया गया है।










