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प्रोजेक्ट बदलाव के तहत पश्चिमी सिंहभूम में ‘सखी संवाद’ कार्यक्रम, महिला सशक्तिकरण पर जोर

By Riya Kumari

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प्रोजेक्ट बदलाव के तहत पश्चिमी सिंहभूम में ‘सखी संवाद’ कार्यक्रम, महिला सशक्तिकरण पर जोर

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सोशल संवाद/डेस्क : झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी के अंतर्गत चल रहे “प्रोजेक्ट बदलाव” के तहत सोमवार, 25 मई 2026 को पश्चिमी सिंहभूम जिले के 75 संकुल संगठनों में “सखी संवाद” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सशक्त बनाना, सामाजिक भागीदारी बढ़ाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना था।

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मनीष कुमार ने चाईबासा प्रखंड के मतकमहातु पंचायत भवन में आयोजित संकुल स्तरीय सखी संवाद कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा उपायुक्त के पारंपरिक स्वागत से हुई।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के अन्य संकुल संगठनों से जुड़ते हुए उपायुक्त ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों में समाज को नई दिशा देने की अपार क्षमता है। उन्होंने हाल ही में आयोजित रक्तदान शिविर में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण महिलाएं अब सामाजिक बदलाव की मजबूत ताकत बन रही हैं।

कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने जिले के सभी 75 सीएलएफ स्तर पर बर्तन बैंक संचालित करने की योजना पर चर्चा की। साथ ही उन्होंने समूह की महिलाओं को आकस्मिक जरूरतों के लिए प्रत्येक सदस्य से ₹20 का योगदान लेकर आकस्मिकता निधि कोष बनाने के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ₹20 के योगदान से सफाई कोष गठित करने की भी सलाह दी गई।

सखी संवाद कार्यक्रम में सीएलएफ एजेंडा, कैडर समीक्षा, आजीविका नियोजन, सामाजिक समावेशन, जेंडर संवाद और वित्तीय साक्षरता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने जनगणना 2027 के तहत मकान सूचीकरण और मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम में भी महिलाओं से सहयोग की अपील की। जिला प्रशासन की ओर से महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए दीदी बाड़ी योजना के तहत तैयार फल, सब्जियों और अन्य उत्पादों के बेहतर बाजारीकरण पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने बताया कि कृषि उत्पाद निर्यातकों के साथ बातचीत की जा रही है ताकि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य मिल सके। कार्यक्रम में भीषण गर्मी और हीट वेव से बचाव के उपायों पर भी जानकारी दी गई। सभी क्लस्टरों में पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने और मलेरिया रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।कार्यक्रम के अंत में सभी सीएलएफ सदस्यों ने देश के विकास और समाज की उन्नति में सक्रिय भागीदारी निभाने की शपथ ली।

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