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ईसाई समुदाय पर हमलों को लेकर संजय सिंह का पीएम मोदी को पत्र, बोले- ‘देश जानना चाहता है, क्या गुंडों को आपका मूक समर्थन है?’

By Riya Kumari

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ईसाई समुदाय पर हमलों को लेकर संजय सिंह का पीएम मोदी को पत्र, बोले- 'देश जानना चाहता है, क्या गुंडों को आपका मूक समर्थन है?'

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सोशल संवाद / नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता, संसदीय दल के नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने देश के विभिन्न राज्यों में ईसाई समुदाय, चर्चों और पादरियों पर कथित हमलों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने इन घटनाओं पर चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री से संविधान के तहत धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।

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अपने पत्र में संजय सिंह ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में ईसाई समुदाय के लोगों, चर्चों और धार्मिक आयोजनों पर लगातार हमले हो रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इन घटनाओं पर केंद्र सरकार की चुप्पी चिंता का विषय है और पूछा कि क्या ऐसे तत्वों को सरकार का “मूक समर्थन” प्राप्त है।

विभिन्न राज्यों की घटनाओं का किया उल्लेख

संजय सिंह ने अपने पत्र में पश्चिम बंगाल के सोनारपुर, पूर्व बर्धमान, पश्चिम मेदिनीपुर और खड़गपुर में चर्चों और ईसाई सभाओं पर कथित हमलों का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि कुछ स्थानों पर चर्चों में तोड़फोड़ की गई, धार्मिक प्रतीकों को नुकसान पहुंचाया गया और प्रार्थना सभाओं में बाधा डाली गई।

उन्होंने उत्तर प्रदेश के रायबरेली, उन्नाव, कौशांबी, गोरखपुर, जौनपुर, सहारनपुर, महराजगंज और कानपुर की घटनाओं का भी उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि कई जगह प्रार्थना सभाओं में व्यवधान डाला गया, चर्चों में तोड़फोड़ हुई और धर्मांतरण विरोधी कानूनों के तहत मामले दर्ज किए गए।

मध्य प्रदेश के जबलपुर और छत्तीसगढ़ के नारायणपुर सहित अन्य क्षेत्रों की घटनाओं का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि धार्मिक अल्पसंख्यकों के बीच भय का माहौल पैदा हो रहा है। वहीं हरियाणा और दिल्ली में भी ईसाई समुदाय के धार्मिक कार्यक्रमों को लेकर सामने आए विवादों का जिक्र किया गया।

संविधान की रक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की मांग

संजय सिंह ने कहा कि भारत का संविधान सभी नागरिकों को समानता और अपने धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता देता है। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 14, 15, 21, 25 और 26 के तहत मिले अधिकारों की रक्षा करना सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है और किसी भी धार्मिक समुदाय को डर के माहौल में नहीं जीना चाहिए।

प्रधानमंत्री से की ये प्रमुख मांगें

अपने पत्र में संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से निम्नलिखित मांगें कीं—

  • देशभर में चर्चों और ईसाई समुदाय पर हुए कथित हमलों की सार्वजनिक रूप से निंदा की जाए।
  • सभी मामलों की स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जाए।
  • हिंसा, तोड़फोड़ और नफरत फैलाने के आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
  • धर्मांतरण विरोधी कानूनों के कथित दुरुपयोग को रोका जाए।
  • धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने वाले तत्वों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए।

“देश को चुप्पी नहीं, कार्रवाई चाहिए”

पत्र के अंत में संजय सिंह ने कहा कि भारत की पहचान सभी धर्मों के प्रति समान सम्मान और संवैधानिक मूल्यों से है। उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए निर्णायक कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि देश अब चुप्पी नहीं, बल्कि ठोस और निष्पक्ष कार्रवाई की अपेक्षा करता है।

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