---Advertisement---

पार्षदो को विकास कार्य करने में नहीं आएगी फंड की दिक्कत : सत्या शर्मा

By Riya Kumari

Published :

Follow
पार्षदो को विकास कार्य करने में नहीं आएगी फंड की दिक्कत : सत्या शर्मा

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद/डेस्क : स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने कहा है कि वार्ड स्तर पर विकास कार्यों में किसी प्रकार की वित्तीय बाधा नहीं आने दी जाएगी। इसी उद्देश्य से पार्षद स्थानीय क्षेत्र विकास निधि की पहली किस्त के रूप में प्रत्येक वार्ड के लिए 50 लाख रुपये जारी कर दिए गए हैं, जबकि अन्य मदों की राशि भी जल्द जारी की जाएगी।

यह भी पढ़े : प्रोजेक्ट बदलाव के तहत पश्चिमी सिंहभूम में ‘सखी संवाद’ कार्यक्रम, महिला सशक्तिकरण पर जोर

सत्या शर्मा ने कहा कि भाजपा शासित एमसीडी ने विकास कार्यों को गति देने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2025-26 के बजट में पार्षद निधि को 1.55 करोड़ रुपये से बढ़ाकर दो करोड़ रुपये करने की घोषणा की गई थी और अब उसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि एमसीडी आयुक्त द्वारा जारी पहली किस्त 50 लाख रुपये की है, जिसे चार चरणों में जारी किया जाएगा। इससे विकास कार्यों की निगरानी, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। उनके अनुसार पार्षद अब अपने क्षेत्रों में सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट, पार्क और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्य बिना किसी वित्तीय दिक्कत के तेजी से करा सकेंगे।

सत्या शर्मा ने कहा कि मानसून को देखते हुए निगम प्रशासन का मुख्य फोकस बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर है। इसी क्रम में सिविल कार्यों के लिए 40 लाख रुपये, इलेक्ट्रिकल कार्यों के लिए 5 लाख रुपये और हॉर्टिकल्चर कार्यों के लिए 5 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं। इन राशियों का उपयोग सड़कों की मरम्मत, गड्ढों को भरने, मैनहोल कवर बदलने, नालों की सफाई, स्लैब लगाने, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था सुधारने और पार्कों के रखरखाव जैसे कार्यों में किया जाएगा।उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान जलभराव, टूटी सड़कें और गंदगी जैसी समस्याएं आम लोगों के लिए बड़ी चुनौती बनती हैं। ऐसे में पार्षदों को समय रहते पर्याप्त फंड उपलब्ध कराना जरूरी था, ताकि हर वार्ड में मरम्मत और विकास कार्य समय पर पूरे किए जा सकें।

स्थायी समिति अध्यक्ष ने कहा कि निगम प्रशासन केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि जनता को जमीनी स्तर पर राहत पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। पार्षद जनता के सबसे नजदीकी जनप्रतिनिधि होते हैं और उन्हें मजबूत किए बिना स्थानीय विकास संभव नहीं है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले महीनों में दिल्ली के वार्डों में विकास कार्यों की रफ्तार स्पष्ट रूप से दिखाई देगी।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---