सोशल संवाद/डेस्क : NEET पेपर लीक मामले को लेकर एमसीडी सदन में जमकर हंगामा हुआ। आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने भाजपा सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।

यह भी पढ़े : पार्षदो को विकास कार्य करने में नहीं आएगी फंड की दिक्कत : सत्या शर्मा
एमसीडी में सह-प्रभारी प्रवीण कुमार के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में “आप” पार्षदों ने NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।
एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा सरकार में लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2015, 2016, 2024 और अब 2026 में भी NEET परीक्षा का पेपर लीक हुआ है, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है।
उन्होंने कहा कि देशभर में छात्र वर्षों तक डॉक्टर बनने का सपना लेकर तैयारी करते हैं, माता-पिता लाखों रुपये खर्च करते हैं, लेकिन परीक्षा से पहले पेपर लीक होने से मेहनत पर पानी फिर जाता है। अंकुश नारंग ने दावा किया कि NEET पेपर लीक के कारण कई छात्र मानसिक तनाव में हैं और कुछ राज्यों में आत्महत्या के मामले भी सामने आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार दोषियों को बचाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि एमसीडी सदन में जब “आप” पार्षदों ने इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की तो मेयर ने जल्दबाजी में एजेंडा पास कर सदन स्थगित कर दिया।
AAP नेता प्रवीण कुमार ने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में पेपर लीक का पूरा नेटवर्क सक्रिय है। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच के बावजूद आरोपी आसानी से बाहर आ जाते हैं और दोबारा ऐसे मामलों में शामिल हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि NEET पेपर लीक से परेशान होकर कई छात्रों ने आत्महत्या की है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। एमसीडी सह-प्रभारी प्रीति डोगरा ने कहा कि देश में शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है, लेकिन सरकार संवेदनशीलता नहीं दिखा रही।
उन्होंने कहा कि NEET पेपर लीक जैसे मामलों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है ताकि भविष्य में छात्रों का भरोसा परीक्षा प्रणाली पर बना रहे।










