सोशल संवाद / डेस्क : सरायकेला-खरसावां जिले के कुचाई प्रखंड में किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और खेती को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने की दिशा में ‘ब्राउन टू ग्रीन कैंपेन’ के तहत अहम पहल शुरू की गई है। अपना अधिकार संगठन के जिला सचिव एवं सदस्यों ने बुधवार को प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) को 500 इच्छुक किसानों की सूची सौंपते हुए दलहन खेती को बढ़ावा देने की मांग की।

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संगठन की ओर से बताया गया कि धान की कटाई के बाद खाली पड़े खेतों में मूंग, उड़द और मसूर जैसी दलहन फसलों की खेती कराने की योजना बनाई गई है। इससे किसानों की अतिरिक्त आमदनी बढ़ेगी और खेतों की उर्वरता भी बेहतर होगी। दलहन फसलें मिट्टी में प्राकृतिक रूप से नाइट्रोजन बढ़ाने में मदद करती हैं, जिससे रासायनिक खाद पर निर्भरता कम होती है।
अपना अधिकार संगठन के जिला सचिव डाबुआ ने कहा कि धान कटने के बाद खेत खाली छोड़ने से किसानों को आर्थिक नुकसान होता है। यदि उसी जमीन पर दलहन फसल की खेती की जाए तो किसानों को दोहरा लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि प्रखंड के 500 किसानों ने इस अभियान से जुड़ने की सहमति दी है।
संगठन ने प्रशासन से किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, तकनीकी प्रशिक्षण और सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही उम्मीद जताई कि प्रशासन के सहयोग से कुचाई में यह अभियान एक मॉडल के रूप में विकसित होगा और जिलेभर में “धान के बाद दलहन” खेती को बढ़ावा मिलेगा। इस दौरान अपना अधिकार संगठन सरायकेला-खरसावां के कई सदस्य मौजूद रहे।









