सोशल संवाद / डेस्क : भारतीय Railway जल्द ही यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आने वाला है। अब तत्काल टिकट के लिए रातभर स्टेशन पर लाइन में खड़े रहने की परेशानी खत्म हो सकती है। रेलवे “क्यू मित्र” नामक एक नया मोबाइल ऐप लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है, जिसके जरिए यात्री घर बैठे ही तत्काल टिकट बुकिंग प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे। रेलवे का कहना है कि इस नई व्यवस्था से टिकटों की कालाबाजारी और फर्जी बुकिंग पर भी प्रभावी रोक लगेगी।

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कैसे काम करेगा ‘क्यू मित्र’ ऐप? Railway
नई व्यवस्था के तहत यात्रियों को अपने मोबाइल नंबर और आधार कार्ड की जानकारी दर्ज कर ऐप पर रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद तत्काल टिकट बुकिंग के लिए ऐप के माध्यम से नंबर जनरेट होगा। पूरी प्रक्रिया में ओटीपी सत्यापन, आधार स्कैन और फेस मैचिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा।
Railway अधिकारियों के मुताबिक, सभी चरण पूरे होने के बाद ही यात्री को टिकट जारी किया जाएगा। इससे फर्जी आईडी और दलालों द्वारा टिकट बुकिंग की संभावना काफी हद तक कम हो जाएगी।
एक आधार से सीमित टिकट बुकिंग
रेलवे की प्रस्तावित नई व्यवस्था के अनुसार, एक आधार और मोबाइल नंबर से 24 घंटे के भीतर केवल एक बार अधिकतम चार टिकट ही बुक किए जा सकेंगे। इससे एक ही व्यक्ति द्वारा बार-बार टिकट बुक कर कालाबाजारी करने पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
रेलवे का मानना है कि ओटीपी आधारित सत्यापन और फेस स्कैनिंग तकनीक के कारण किसी दूसरे व्यक्ति के आधार या मोबाइल नंबर का दुरुपयोग करना आसान नहीं होगा।

तत्काल टिकट के लिए यात्रियों को होती है भारी परेशानी
फिलहाल तत्काल टिकट पाने के लिए यात्रियों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। कई स्टेशनों पर लोग रात 8-9 बजे से ही आरक्षण काउंटर के बाहर कतार लगाना शुरू कर देते हैं। इसके बावजूद सीमित संख्या में ही लोगों को टिकट मिल पाता है।
यात्रियों का आरोप है कि टिकट दलाल अपने लोगों को लाइन में लगाकर बड़ी संख्या में टिकट हासिल कर लेते हैं, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
कुछ ट्रेनों में पहले से लागू है ओटीपी सिस्टम
रेलवे पहले भी कुछ चुनिंदा ट्रेनों में ओटीपी आधारित टिकट बुकिंग सुविधा लागू कर चुका है। टाटानगर स्टेशन पर फिलहाल भुवनेश्वर-नई दिल्ली राजधानी तेजस एक्सप्रेस, हावड़ा-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस और पुणे दुरंतो एक्सप्रेस में यह व्यवस्था लागू है।
हालांकि अन्य ट्रेनों में यह सिस्टम लागू नहीं होने के कारण टिकटों की कालाबाजारी पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं हो सका है।

हाजीपुर जोन में चल रहा ट्रायल
जानकारी के अनुसार, हाजीपुर रेलवे जोन फिलहाल विभिन्न स्टेशनों पर “क्यू मित्र” ऐप का ट्रायल कर रहा है। यदि परीक्षण सफल रहता है और यात्रियों को प्रक्रिया आसान लगती है, तो इसे चरणबद्ध तरीके से देश के सभी रेलवे जोनों में लागू किया जाएगा।
यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे स्टेशनों पर विशेष कियोस्क लगाने की भी योजना बनाई जा रही है, ताकि जिन लोगों के पास स्मार्टफोन नहीं है, वे भी इस सुविधा का लाभ उठा सकें।
यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत
रेलवे की यह नई पहल तत्काल टिकट बुकिंग प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे आम यात्रियों को राहत मिलने के साथ-साथ टिकट दलालों और फर्जी बुकिंग पर भी लगाम लगने की उम्मीद है।










