सोशल संवाद / रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने राज्य में खाली पड़े नर्सिंग स्टाफ और स्पेशलिस्ट समेत चिकित्सकों के पदों पर शीघ्र नियुक्ति करने का निर्देश दिया। बता दें राज्य के स्वास्थ्य संस्थानों में 21578 नर्सिंग स्टाफ के पद स्वीकृत हैं जिसमें 7609 पद रिक्त हैं। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की सोच है कि हम सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा दें। इसके लिए उन्होंने उन्होंने राज्य सभी लोगों का हेल्थ प्रोफाइल सिस्टम तैयार करने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने पूरे राज्य में बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए शहरी एवं ग्रामीण में बांटकर कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि झारखंड के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं अलग-अलग हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के संचालन के लिए अध्ययन करें। कैंसर, हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक, शुगर आदि से संबंधित आपातकालीन सेवाओं के लिए अलग व्यवस्था बनाएं। बैठक में सीएम ने सरकारी अस्पतालों की बुनियादी ढांचे, दवाओं की उपलब्धता, स्वास्थ्य सेवाओं की डिजिटल मॉनिटरिंग और विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के संचालन की विस्तृत जानकारी ली।
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य अजय कुमार सिंह, विशेष सचिव, स्वास्थ्य नेहा अरोड़ा, एमडी एनएचएम शशि प्रकाश झा आदि मौजूद थे। एंबुलेंस सेवा की मॉनिटरिंग को एआई कंट्रोल रूम बनाएं: मुख्यमंत्री ने एंबुलेंस सेवाओं को लेकर नाराजगी जताई। साथ ही एंबुलेंसों की मॉनिटरिंग के लिए एआई कंट्रोल रूम स्थापित करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों से टैग एंबुलेंस क्रियाशील हों, यह सुनिश्चित करें। लापरवाही पर संबंधित लोगों पर कार्रवाई करें। सीएम ने आपातकालीन स्थिति में मरीज को त्वरित अस्पताल पहुंचाने को लेकर उबर कॉन्सेप्ट का अध्ययन कर भविष्य में उसी तर्ज पर एंबुलेंस सेवा के विस्तार करने का निर्देश दिया।
पैरालाइसिस, ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों के लिए अच्छी व्यवस्था होः
मुख्यमंत्री ने राज्य में पैरालाइसिस अटैक, ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों के लिए मेडिकल कॉलेज में अच्छी व्यवस्था करने का निर्देश दिया। सीएम ने कोडरमा, बोकारो, चाईबासा, दुमका, जमशेदपुर, हजारीबाग आदि जिलों में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों के निर्माण कार्यों में तेजी लाकर शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया।
राज्य में खुलेगा अबुआ दवाखाना : राज्य सरकार द्वारा राज्य में मुख्यमंत्री अबुआ दवाखाना की स्थापना एवं संचालन की जायेगी। यह एकीकृत औषधि केन्द्र होगा, जिसका संचालन आयुष्मान आरोग्य मंदिर में होगा। अबुआ दवाखाना से ग्रामीण जनता को एलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी एवं सिद्ध प्रणाली की आवश्यक औषधियां एक ही स्थान पर सुलभता पूर्वक निःशुल्क उपलब्ध कराई जायेंगी।









