सोशल संवाद / डेस्क : देश में प्रतियोगी और बोर्ड परीक्षाओं की पारदर्शिता तथा सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच संसद की एक स्थायी समिति ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे हैं। समिति ने परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था, प्रश्नपत्रों की गोपनीयता और OSM (Open Source Monitoring) सिस्टम की प्रभावशीलता को लेकर विस्तृत जानकारी मांगी है।

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परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
हाल के वर्षों में विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के मामलों ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ाई है। इसी को देखते हुए संसदीय समिति ने NTA और CBSE से पूछा है कि परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए क्या-क्या कदम उठाए गए हैं और भविष्य में सुरक्षा को और मजबूत करने की क्या योजना है।
OSM सिस्टम की प्रभावशीलता पर मांगी रिपोर्ट
समिति ने विशेष रूप से OSM (Open Source Monitoring) सिस्टम के कामकाज पर सवाल उठाए हैं। यह सिस्टम सोशल मीडिया, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और इंटरनेट पर परीक्षा से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
सांसदों ने जानना चाहा कि यह सिस्टम पेपर लीक, फर्जी वेबसाइट, अफवाहों और परीक्षा से जुड़े साइबर खतरों को रोकने में कितना प्रभावी साबित हुआ है। साथ ही यह भी पूछा गया कि इसके जरिए अब तक कितने मामलों की पहचान की गई और क्या कार्रवाई की गई।
NTA से मांगी गई विस्तृत जानकारी
समिति ने NTA से कई बिंदुओं पर जवाब मांगा है, जिनमें शामिल हैं:
- परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था
- प्रश्नपत्रों की गोपनीयता बनाए रखने की प्रक्रिया
- डिजिटल सुरक्षा उपाय
- साइबर हमलों से बचाव की रणनीति
- परीक्षा से पहले और बाद की निगरानी व्यवस्था
NTA देश की कई प्रमुख प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करती है, इसलिए उसकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष रुचि दिखाई गई है।
CBSE से भी मांगा गया जवाब
CBSE से बोर्ड परीक्षाओं के संचालन, प्रश्नपत्रों के सुरक्षित वितरण और परीक्षा केंद्रों पर निगरानी व्यवस्था को लेकर जानकारी मांगी गई है। समिति यह सुनिश्चित करना चाहती है कि देशभर के लाखों छात्रों की परीक्षाएं निष्पक्ष और सुरक्षित वातावरण में संपन्न हों।
छात्रों का भरोसा बनाए रखना बड़ी चुनौती
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना बेहद जरूरी है। किसी भी प्रकार की सुरक्षा चूक न केवल छात्रों के भविष्य को प्रभावित करती है बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की साख पर भी सवाल खड़े कर देती है।
तकनीक और निगरानी को मिलेगा और मजबूत आधार
जानकारों के अनुसार आने वाले समय में परीक्षा सुरक्षा के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर मॉनिटरिंग, रियल-टाइम ट्रैकिंग और उन्नत डेटा एनालिटिक्स जैसी तकनीकों का उपयोग बढ़ सकता है। संसदीय समिति की यह समीक्षा परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।









