सोशल संवाद / डेस्क : मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में श्रद्धा और सामाजिक सेवा का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। जिला प्रशासन की एक अभिनव पहल के तहत रक्तदान करने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर में VIP दर्शन की सुविधा दी जा रही है। इस योजना ने न केवल हजारों भक्तों को प्रेरित किया है, बल्कि क्षेत्र में रक्त की कमी की समस्या को भी काफी हद तक दूर कर दिया है।

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20 मिनट रक्तदान, घंटों की कतार से छुटकारा
ओंकारेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को सामान्य तौर पर 3 से 4 घंटे तक लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ता है। लेकिन अब केवल 20 मिनट रक्तदान करने पर श्रद्धालुओं को सीधे VIP प्रवेश की सुविधा मिल रही है। इस व्यवस्था के चलते बड़ी संख्या में लोग रक्तदान के लिए आगे आ रहे हैं।
अधिक मास में टूटा रक्तदान का रिकॉर्ड
खंडवा कलेक्टर ऋषभ गुप्ता की पहल पर शुरू की गई इस योजना को अधिक मास के दौरान अभूतपूर्व सफलता मिली है। ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. अतुल माने के अनुसार, जून के शुरुआती 14 दिनों में ही 497 यूनिट रक्त एकत्रित किया जा चुका है, जबकि योजना शुरू होने के समय फरवरी में यह आंकड़ा केवल 168 यूनिट था। अधिक मास में दान-पुण्य के विशेष महत्व के कारण श्रद्धालुओं ने इस अभियान को हाथोंहाथ लिया और रक्तदान के नए रिकॉर्ड स्थापित किए।
दुर्लभ ब्लड ग्रुप का भी तैयार हुआ बफर स्टॉक
रक्तदान अभियान का सबसे बड़ा लाभ यह हुआ कि क्षेत्र में रक्त की कमी लगभग समाप्त हो गई है। ब्लड बैंक में अब AB-नेगेटिव, O-नेगेटिव, A-नेगेटिव और B-नेगेटिव जैसे दुर्लभ रक्त समूहों का भी पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। नए मेडिकल कॉलेज के शुरू होने के बाद क्षेत्र में रक्त की मांग बढ़कर लगभग 1200 यूनिट प्रति माह हो गई थी, लेकिन अब यह मॉडल जरूरत से अधिक रक्त संग्रह करने में सफल साबित हो रहा है।
मंदिर परिसर के पास अत्याधुनिक सुविधा
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर के निकट 5 बेड वाली आधुनिक ब्लड कलेक्शन यूनिट स्थापित की गई है। 18 से 60 वर्ष की आयु के स्वस्थ व्यक्ति, जिनका वजन कम से कम 45 किलोग्राम हो, यहां रक्तदान कर सकते हैं। रक्तदान के बाद श्रद्धालुओं को रिफ्रेशमेंट, प्रमाण पत्र, बाबा ओंकारेश्वर का प्रसाद और भगवान की तस्वीर भेंट की जाती है। इसी प्रमाण पत्र के आधार पर डोनर और उनके परिवार को VIP दर्शन की सुविधा प्रदान की जाती है।
देशभर के लिए बन सकता है मॉडल
प्रशासन का मानना है कि यह पहल देश के अन्य धार्मिक स्थलों के लिए भी एक प्रेरणादायक मॉडल बन सकती है। इससे श्रद्धालुओं को सेवा का अवसर मिलता है और अस्पतालों को पर्याप्त रक्त उपलब्ध हो पाता है। बढ़ते स्टॉक को देखते हुए मेडिकल कॉलेज में एक अलग स्टैंडअलोन ब्लड बैंक स्थापित करने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
ओंकारेश्वर मंदिर की यह अनोखी पहल साबित कर रही है कि आस्था और मानव सेवा जब एक साथ जुड़ते हैं, तो समाज को बड़ा लाभ मिलता है।









